फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

2002 में शहीद हुए सीआरपीएफ जवान की पत्नी को 18 साल बाद मिली अनुग्रह राशि

Thu, 19 Nov 2020 08:31 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : पिक्साबे
विज्ञापन

जम्मू-कश्मीर में साल 2002 के दौरान हुए विधानसभा चुनाव के दौरान आतंकवादियों से लड़ने के दौरान प्राण न्यौछावर करने वाले सीआरपीएफ जवान की पत्नी को 18 साल बाद निर्वाचन आयोग से अनुग्रह राशि प्राप्त हुई है। जवान की पत्नी को यह अनुग्रह राशि शीर्ष स्तर से हस्तक्षेप करने के बाद मिली है।

विज्ञापन


मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा ने विलंब के लिए अफसोस जताया है और उन्होंने प्रमिला देवी को पत्र लिखकर प्रशासनिक तंत्र की ओर से उनसे निजी तौर पर माफी मांगी है। आयोग ने अपवाद के तौर पर उन्हें 20 लाख रुपये अनुग्रह राशि देने का फैसला किया है। वर्तमान समय में इतनी राशि दी जाती है।


हरियाणा के भिवानी में रहने वाली प्रमिला देवी ने दिसंबर 2019 में आयोग को पत्र लिखकर अनुग्रह राशि का जल्द भुगतान करने का आग्रह किया था। उनके अनुरोध को जम्मू-कश्मीर के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेज दिया गया। जानकारी के अनुसाल अब यह रकम उनके बैंक खाते में भेज दी गई है।
विज्ञापन


बता दें कि जम्मू कश्मीर में 2002 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 45वीं बटालियन के रमेश कुमार चुनाव ड्यूटी पर तैनात थे। उस साल आठ अक्टूबर को उनकी डोडा टाउन हॉल क्षेत्र के एक मतदान केंद्र में आतंकवादियों के साथ संघर्ष के दौरान मौत हो गई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें