गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में बताया कि जम्मू-कश्मीर के बाहर के केवल दो व्यक्तियों ने ही अब तक केंद्रशासित प्रदेशों में संपत्तियां खरीदी हैं। उन्होंने मंगलवार को एक प्रश्न के एक लिखित उत्तर में जम्मू-कश्मीर सरकार के हवाले से यह बड़ी जानकारी दी थी। बता दें कि जम्मू-कश्मीर में अब जमीन खरीदने में बाहरी लोगों या सरकार को किसी तरह की कठिन प्रक्रियाओं का सामना नहीं करना पड़ रहा है। यहां पांच अगस्त 2019 को विशेष अधिकार देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 और 35-a को खत्म कर दिया गया था।
जानिए इसके छह अहम कारण
1. जब जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद नए भूमि खरीद कानून बने, तो जम्मू-कश्मीर में भाजपा नेताओं सहित अधिकांश लोगों ने इसका पुरजोर विरोध किया।
2. नए कानूनों में कहा गया है कि जम्मू-कश्मीर के बाहर के लोग अभी भी कृषि भूमि नहीं खरीद सकते हैं।
3. जम्मू-कश्मीर में कानून-व्यवस्था की स्थिति में केंद्र सरकार की अपेक्षाओं के अनुरूप सुधार नहीं हुआ है। खासकर कश्मीर में हालात ज्यादा चिंताजनक हैं। अशांत क्षेत्रों में कोई भी संपत्ति खरीदना नहीं चाहता है।
4. उद्योगपति जम्मू-कश्मीर में निवेश करने के लिए इच्छुक नहीं हैं, क्योंकि उन्हें वहां कोई फायदा नहीं दिख रहा है।
5. कश्मीर में आतंकवाद और अनिश्चितता का डर इसकी बड़ी वजह बताई जा रही है।
6. कोरोनावायरस महामारी और लॉकडाउन की वजह से भी लोग अभी घाटी का रुख नहीं कर रहे हैं।