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West Bengal: 'ईंट भट्टों में मजदूरी से लेकर गिरफ्तारी तक...', जानें कौन है टीएमसी का नेता शाहजहां शेख

Thu, 29 Feb 2024 11:24 AM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

West Bengal: करीब 55 दिन से फरार चल रहे तृणमूल कांग्रेस के नेता शाहजहां शेख को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके साथ ही बशीरहाट की अदालत ने उसे दस दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। 
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शाहजहां शेख - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल पुलिस ने गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता शाहजहां शेख को गिरफ्तार किया। उस प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम पर हमला करवाने और संदेशखाली में ग्रामीणों की जमीन के पट्टे कब्जाने और यौन शोषण का आरोप है। शेखर 55 दिनों से फरार चल रहा था। अदालत के आदेश के बाद उसे उत्तर 24 परगना जिले के मिनाखा में एक घर से गिरफ्तार किया गया। इसके बाद पुलिस ने उसे अदालत में उसे बशीरहाट की अदालत में पेश किया जिसने उसे दस दिन की हिरासत में भेज दिया। आइए जानते हैं शाहजहां शेख कौन है और सियासत में उसका कद कैसे बढ़ा-

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कौन है शाहजहां शेख?
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, शाहजहां शेख (42 वर्षीय) को 'भाई' के नाम से जाना जाता है। उसने बांग्लादेश सीमा के पास उत्तर 24 परगना के संदेशखाली ब्लॉक में मत्स्य पालन में एक छोटे से श्रमिक के रूप में काम की शुरुआत की थी। वह चार भाई-बहनों में सबसे बड़ा है। उसने संदेशखाली में मत्स्य पालन और ईंट भट्टों में एक श्रमिक के काम की शुरुआत की थी।

साल 2004 में शेख ने ईंट भट्टों के यूनियन नेता के रूप में राजनीति में प्रवेश किया। उसे पहली बार 2006 में कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ा था। उसे तब पहली बार पुलिस थाने बुलाया गया था। उस समय शेख की उम्र बीस साल थी और वह संदेशखाली में एक मछली बाजार में एक एजेंट के रूप में काम करता था। एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, उस वक्त भी शेख को कोई डर नहीं था। हालांकि जल्द ही इसकी वजह भी समझ आ गई। शाहजहां को महज आधे घंटे के भीतर ही थाने छोड़ दिया गया था। कुछ दिनों  बाद थाना प्रभारी का ही तबादला हो गया। उस समय भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) का एक स्थानीय पदाधिकारी शेख के काम आया। 

बाद में वह अपनी राजनीतिक मौजूदगी बनाए रखते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की स्थानीय इकाई में शामिल हो गया। जोशीले भाषणों और संगठन कौशल के लिए पहचाने जाने वाले शेख ने 2012 में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेतृत्व का ध्यान अपनी ओर खींचा।

तब से सत्ता के गलियों में शेख का कद बढ़ा है। 2018 में शेख ने सरबेरिया अग्रहटी ग्राम पंचायत के उप प्रमुख के रूप में प्रसिद्धि हासिल की। शेख को उत्तर 24 परगना के लिए 'मत्सा कर्माध्यक्ष' (मत्स्य पालन के प्रभारी) के रूप में जाना जाता था, जिले के मत्स्य विकास की देखरेख करता था। जो राजनीतिक और आर्थिक दोनों क्षेत्रों में उनकी प्रभावशाली स्थिति को दिखाता है। 
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