पश्चिम बंगाल कानून-व्यवस्था के कारण लगातार सुर्खियों में है। ताजा घटनाक्रम डायमंड हार्बर उप-न्यायालय से जुड़ा है। यहां के वरिष्ठ न्यायिक अधिकारियों ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। मामला पॉक्सो कानून के तहत पारित अदालत के आदेशों के बाद सामने आया है।
पश्चिम बंगाल में वरिष्ठ न्यायिक अधिकारियों ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता प्रकट की है। रविवार रात एक शख्स को अधिकारियों के आवासीय क्वार्टर के बाहर देखा गया। इसके बाद अधिकारियों ने डराने की कोशिश किए जाने की आशंका जताई है। अधिकारियों को संदेह है कि इस शख्स का मकसद न्यायपालिका में भय पैदा करना और न्यायिक काम बाधित करना था। इस इरादे से उसने आवासीय परिसर की बिजली आपूर्ति काटने की ताक में था। न्यायिक अधिकारियों ने असामाजिक तत्वों और पुलिस के बीच मिलीभगत की आशंका भी जताई है। अधिकारियों का मानना है कि पॉक्सो कानून से जुड़े मामलों में हाल ही में आदेश पारित होने के बाद सामने आई ऐसी घटना विचलित करने वाली है।
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हाईकोर्ट को पत्र लिखकर दी जानकारी, सुरक्षा बंदोबस्त सुनिश्चित करने की अपील
जिला न्यायाधीश सुभ्रदीप मित्रा ने इस संबंध में कलकत्ता उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार (निरीक्षण-I) को पत्र भी लिखा है। उन्होंने बताया कि अनजान शख्स को आवासीय परिसर में घूमते देखा गया। इस घटना के बाद बदमाशों और स्थानीय पुलिस की आपसी मिलीभगत की आशंका को भी बल मिलता है। न्यायिक अधिकारियों ने दक्षिण 24 परगना के जिला न्यायाधीश को एक संयुक्त पत्र भी सौंपा। इसमें सुरक्षा के पर्याप्त बंदोबस्त करने और तत्काल जरूरी उपाय करने की अपील की गई है।
आवासीय परिसर सुरक्षित करने के लिए तत्काल जरूरी उपाय करें
न्यायिक अधिकारियों ने अपील की है कि उनकी चिंताओं को दूर करने के साथ-साथ आवासीय परिसर को सुरक्षित करने के लिए जरूरी सभी उपाय तत्काल किए जाएं।