तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सोमवार से चार दिन के दिल्ली दौरे पर रहेंगी। माना जा रहा है कि बंगाल की फायरब्रांड नेता इस दौरान 29 नवंबर से शुरू हो रहे संसद के शीत सत्र के दौरान केंद्र सरकार को घेरने के लिए विपक्षी दलों के नेताओं से मिलकर रणनीति भी तय करेंगी।
खासकर कृषि कानूनों पर केंद्र सरकार के पीछे हटने और किसानों द्वारा अब एमएसपी गारंटी का दबाव बढ़ाने के मामले में विपक्ष की भूमिका तय करने में ममता दूसरे दलों से चर्चा कर सकती हैं।
इसके अलावा वह राज्य की बकाया वित्तीय राशि जारी करने, कोविड वैक्सीन की आपूर्ति बढ़ाने और बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र को बढ़ाने पर अपनी आपत्ति दर्ज कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर सकती हैं।
प्रधानमंत्री कार्यालय या मुख्यमंत्री कार्यालय ने अबतक मुलाकात होने के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र के मुद्दे पर राज्य विधानसभा से प्रस्ताव पारित करवा कर ममता ने केंद्र से अपना टकराव जारी रखा है।
ममता बनर्जी बंगाल में अगले साल की पहली तिमाही में होने वाले वैश्विक निवेशक सम्मेलन में हिस्सा लेने का न्योता देने के लिए ममता उद्योगपतियों से भी मुलाकात कर सकती है।
पिछले चार महीने में ममता की यह दूसरी दिल्ली यात्रा होगी। इससे पहले 26 जुलाई को ममता दिल्ली गई थीं और पीएम मोदी से मिली थीं। उस दौरान उन्होंने विपक्ष के कई नेताओं से भी भेंट की थी।