पश्चिम बंगाल निकाय चुनाव में सीएपीएफ की तैनाती होगी या नहीं, इसे लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग को अहम निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग को मुख्य सचिव और डीजीपी सहित राज्य के अधिकारियों के साथ 12 घंटे के भीतर बैठक कर जमीनी स्थिति का आकलन करने के लिए कहा है। जिससे यह तय किया जा सके कि चुनाव के दौरान सीएपीएफ की तैनाती की आवश्यकता है या नहीं।
27 फरवरी से नगर निकाय चुनाव
पश्चिम बंगाल राज्य चुनाव आयोग (डब्ल्यूबीएसईसी) ने गुरुवार को एक अधिसूचना जारी कर राज्य की 108 नगर पालिकाओं के चुनाव 27 फरवरी को कराने की घोषणा की। हालांकि अधिसूचना में मतगणना की तारीख का जिक्र नहीं है, जिसकी घोषणा अधिकारियों ने बाद में की। राज्य चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने कहा 108 नगर पालिकाओं के चुनाव 27 फरवरी को होंगे। मतगणना की तारीख की घोषणा बाद में की जाएगी। पूरी चुनाव प्रक्रिया 8 मार्च तक पूरी हो जाएगी। गौरतलब है कि 112 अन्य नागरिक निकायों के साथ कोलकाता नगर निगम के चुनाव अप्रैल-मई 2020 में होने थे। COVID-19 महामारी के कारण यह स्थगित कर दिया गया था।
पिछले साल विधानसभा चुनाव में टीएमसी को मिली थी शानदार जीत
पिछले साल, टीएमसी राज्य में 294 विधानसभा सीटों में से 213 पर जीतकर सत्ता में आई थी। भाजपा काफी प्रयास के बावजूद केवल 77 सीटें हासिल करने में सफल रही थी। टीएमसी ने दक्षिण बंगाल के अधिकांश जिलों में जीत हासिल की थी, और भाजपा ने उत्तरी जिलों में अच्छा प्रदर्शन किया था। बंगाल में निकाय चुनाव टीएमसी और भाजपा के बीच टक्कर होने की संभावना है और यह दिखाएगा कि क्या दोनों पार्टियां इस राजनीतिक रूप से अस्थिर राज्य में विधानसभा चुनावों के बाद अपनी जमीन पर टिके रहने में सक्षम हैं।