राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) का दल दो नाबालिग लड़कियों के दुष्कर्म और हत्या के मामले में राज्य का दौरा करना चाहता था। इस पर पश्चिम बंगाल बाल अधिकार संरक्षण आयोग (डब्ल्यूबीपीसीआर) की ओर से ठंडी प्रतिक्रिया सामने आई।
पश्चिम बंगाल के शीर्ष बाल अधिकार निकाय ने एनसीपीसीआर के राज्य का दौरा करने के अनुरोध को यह कहते हुए ठुकरा दिया कि यह जरूरी नहीं है। एक दस्तावेज से इस बात का खुलासा हुआ।
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राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) का दल दो नाबालिग लड़कियों के दुष्कर्म और हत्या के मामले में राज्य का दौरा करना चाहता था। इस पर पश्चिम बंगाल बाल अधिकार संरक्षण आयोग (डब्ल्यूबीपीसीआर) की ओर से ठंडी प्रतिक्रिया सामने आई।
उपलब्ध दस्तावेज के मुताबिक, जब एनसीपीसीआर के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो की यात्रा का कार्यक्रम राज्य को भेजा गया तो डब्ल्यूबीपीसीआर ने कहा कि उनकी यात्रा जरूरी नहीं है।
एनसीपीसीआर ने बृहस्पतिवार को पश्चिम बंगाल पुलिस, मुख्य सचिव और गृह विभाग को अपने दौरे का विस्तृत कार्यक्रम भेजा था, लेकिन राज्य बाल निकाय से इसे साझा नहीं किया गया। इस पर डब्ल्यूबीसीपीआर ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।