महाराष्ट्र सरकार ने गुरुवार को बंबई उच्च न्यायालय को बताया कि उसने उच्च न्यायालय के नये भवन के निर्माण के लिए उपनगर बांद्रा में 30.16 एकड़ जमीन आवंटित करने का फैसला किया है। महाराष्ट्र के महाधिवक्ता बीरेंद्र सराफ ने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसवी गंगापुरवाला और न्यायमूर्ति संदीप मार्ने की खंडपीठ को बताया कि इस संबंध में एक सरकारी प्रस्ताव (आदेश) जल्द ही जारी किया जाएगा। सराफ ने कहा कि उपनगर में प्रस्तावित परिसर में केंद्रीय न्यायाधिकरण और वकीलों के लिए चैंबर भी होंगे।
वर्तमान में, भारत का सबसे पुराना बॉम्बे हाईकोर्ट दक्षिण मुंबई में स्थित है। पीठ एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें एक नए भवन के लिए भूमि आवंटन के मुद्दे पर 2019 के उच्च न्यायालय के आदेश का पालन नहीं करने के लिए राज्य सरकार के खिलाफ अवमानना कार्रवाई की मांग की गई थी।
याचिकाकर्ता अहमद आब्दी ने तर्क दिया कि अवमानना याचिका पिछले 6 वर्षों से लंबित है और राज्य सरकार ने अभी तक इस मुद्दे पर कोई कार्रवाई नहीं की है। आब्दी ने दावा किया कि राज्य सरकार उनकी ओर से जनवरी 2019 में दायर एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर पारित 2012 के उच्च न्यायालय के आदेश की अवमानना कर रही है, जिसमें प्राथमिकता के आधार पर उच्च न्यायालय के लिए एक नई इमारत की मांग की गई थी।
मुंबादेवी मंदिर के आसपास का इलाका किया जाएगा विकसितः शिंदे
वहीं दूसरी ओर, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने गुरुवार को घोषणा की कि दक्षिण मुंबई में ऐतिहासिक मुंबादेवी मंदिर के आसपास के क्षेत्र को एकीकृत और समग्र तरीके से विकसित किया जाएगा और इस उद्देश्य के लिए एक पुनर्विकास प्राधिकरण की स्थापना की जाएगी। शिंदे ने मुंबादेवी मंदिर के बाहर संवाददाताओं से बात करते हुए यह घोषणा की।