इससे पहले कलकत्ता उच्च न्यायालय ने निर्देश दिया कि संदेशखाली में महिलाओं पर यौन अत्याचार और जमीन हड़पने के मामले के मुख्य आरोपी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता शाहजहां शेख को पश्चिम बंगाल पुलिस के अलावा केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी गिरफ्तार कर सकती है।
पश्चिम बंगाल में संदेशखाली को लेकर बड़ी खबर आ रही है। बताया जा रहा है कि कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पटना हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश के नेतृत्व में छह सदस्यीय तथ्य-खोज टीम को 1 मार्च को संदेशखाली जाने की अनुमति दी है। टीम माझेरपारा, नतुनपारा और नस्करपारा जाएगी। इसके साथ ही न्यायमूर्ति कौशिक चंद्रा ने राज्य के नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी को भी संदेशखाली जाने की अनुमति दे दी है। इस दौरान कोई भी भड़काऊ टिप्पणी नहीं की जा सकेगी। वह कल जा सकते हैं।
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इससे पहले कलकत्ता उच्च न्यायालय ने निर्देश दिया कि संदेशखाली में महिलाओं पर यौन अत्याचार और जमीन हड़पने के मामले के मुख्य आरोपी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता शाहजहां शेख को पश्चिम बंगाल पुलिस के अलावा केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी गिरफ्तार कर सकती है। राज्य महाधिवक्ता की अर्जी पर अदालत ने 26 फरवरी को जारी अपने आदेश को स्पष्ट किया, जिसमें पुलिस को शेख की गिरफ्तारी का आदेश दिया गया था।
भाजपा नेता विकास सिंह को जमानत
कलकत्ता हाईकोर्ट ने संदेशखाली में कथित हिंसक प्रदर्शन के सिलसिले में गिरफ्तार भाजपा नेता विकास सिंह को बुधवार को जमानत दे दी। विकास सिंह ने अपने विरुद्ध कार्यवाही को खारिज करने की मांग करते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और अंतरिम जमानत की मांग की थी। न्यायमूर्ति कौशिक चंद ने सिंह को जमानत दी।
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क्या है मामला?
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली में पांच जनवरी को लगभग एक हजार लोगों की भीड़ ने ईडी के अधिकारियों पर उस वक्त हमला कर दिया था, जब वे राज्य में कथित राशन वितरण घोटाले की जांच के सिलसिले में शेख के परिसर पर छापेमारी के लिए गए थे। संदेशखाली में तृणमूल कांग्रेस के कुछ स्थानीय नेताओं पर यौन उत्पीड़न के आरोप भी लगे हैं। उन पर जमीन पर कब्जा करने के आरोप भी लगाए गए हैं। इसे लेकर यहां प्रदर्शन हो रहे हैं।