देश के अधिकतम इलाके गर्मी की मार झेल रहे हैं। सोमवार को अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस रहा। भीषण गर्मी के कारण बिजली ग्रिडों पर दबाव पड़ रहा है। सरकारी एजेंसियों ने स्वास्थ्य संबंधी चेतावनियां जारी की हैं। झारखंड में आठवीं तक की कक्षाएं बंद कर दी गई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने पूर्वी भारत में एक मई तक और दक्षिणी इलाकों में अगले पांच दिनों तक अत्यधिक गर्मी की आशंका जताई है।
आईएमडी ने अगले दो से तीन दिनों के लिए आंध्र प्रदेश. बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के कुछ हिस्सों में अत्याधिक गर्मी की आशंका जताते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं, तेलंगाना, कर्नाटक और सिक्किम के कुछ हिस्सों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा, पश्चिम बंगाल, गुजरात, बिहार, सिक्किम, ओडिशा, झारखंड, केरल और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है। विभाग ने बताया कि अगले पांच दिन असम, त्रिपुरा, गुजरात, तमिलनाडु, पुडुचेरी, गोवा, केरल और कर्नाटक में उमस बढ़ सकती है।
देश के इन शहरों में तापमान 45 डिग्री
सोमवार को कलाईकुंडा और कंडाला में तापमान 45.4 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से 8.6 डिग्री ऊपर), आंध्र प्रदेश के नंद्याल में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस, बिहार के शेखपुरा में तापमान डिग्री सेल्सियस और ओडिशा के बारीपदा में तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
जानें किस स्थिति को कहते हैं लू या हीटवेव
मौमस विभाग की मानें तो, जब मैदानी इलाकों का तापमान कम से कम 40 डिग्री सेल्सियस, तटीय क्षेत्रों में तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और पहाड़ी क्षेत्रों में तामपान 30 डिग्री सेल्सियस पहुंच जाता है तो उस स्थिति को लू कहा जाता है। इसके अलावा, अगर तापमान सामान्य से 4.5 डिग्री अधिक होता है तो उसे भी लू या हीटवेव कहा जाता है। वहीं, भीषण गर्मी तब होती है, जब तापमान सामान्य से 6.4 डिग्री अधिक हो जाती है।