अमेरिका में अचानक हुई गोलीबारी में मारे गए साई चरण नक्का के माता-पिता ने बुधवार को कहा कि वे नहीं चाहते थे कि उनका बेटा अमेरिका जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका को अपने नागरिकों को आग्नेयास्त्रों का लाइसेंस अंधाधुंध तरीके से नहीं देना चाहिए। अमेरिकी राज्य मैरीलैंड के अधिकारियों के अनुसार, साई चरण को एक स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल के अंदर घायल पाया गया था, उनके सिर पर बंदूक की गोली का घाव था।
बाल्टीमोर पुलिस ने हत्या की जांच शुरू की
सोमवार को लगभग 4:30 बजे मैरीलैंड ट्रांसपोर्टेशन अथॉरिटी पुलिस को कैटन एवेन्यू निकास के पास दक्षिण की ओर इंटरस्टेट 95 पर दुर्घटना स्थल पर बुलाया गया था। साई चरण को तुरंत मैरीलैंड विश्वविद्यालय आर. एडम्स काउली शॉक ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया था, जहां उन्हें थोड़ी देर बाद मृत घोषित कर दिया गया। साई चरण की मौत के बाद बाल्टीमोर पुलिस ने हत्या की जांच शुरू कर दी है।
नलगोंडा शहर में साई चरण के परिवार को यह दुखद खबर मिली। उनके पिता एन नरसिम्हा और मां पद्मा अपने बेटे की मौत के बारे में सुनकर बेहोश हो गए। नरसिम्हा ने कहा कि उन्हें अपने बेटे की मौत की सूचना सोमवार रात को उनके भाई से मिली जो हैदराबाद में रहता है। उन्होंने कहा कि हम अपने बेटे को अमेरिका नहीं भेजना चाहते थे। हम चाहते थे कि वह यहां रहे। मुझे उसे वहां भेजने में कोई दिलचस्पी नहीं थी और उसे नहीं जाने के लिए कहा।
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी सरकार को अपने नागरिकों को अंधाधुंध बंदूक का लाइसेंस जारी नहीं करना चाहिए जिससे ऐसी घटनाएं होती हैं। नरसिम्हा ने कहा कि साई चरण ने अगस्त 2020 में अमेरिका के लिए उड़ान भरी थी। एमएस कोर्स पूरा करने के बाद वह पिछले छह महीनों से मैरीलैंड में काम कर रहे थे। उनके बेटे ने पिछले शुक्रवार को उनसे बात की थी और बैंक खाते का विवरण भेजने को कहा था। नरसिम्हा ने कहा कि उसने हाल ही में एक नई कार खरीदी थी। हमें बताया गया है कि घटना के समय वह कार में अकेला था। ऐसा लगता है कि वह टहलने के लिए गया था।