मुंबई की एक मजिस्ट्रेट अदालत ने शनिवार को उपनगरीय गोरेगांव में दर्ज रंगदारी मामले में मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। इस सप्ताह परमबीर सिंह के खिलाफ यह दूसरा ऐसा आदेश है। 28 अक्तूबर को ठाणे की एक अदालत ने उनके खिलाफ दर्ज एक और जबरन वसूली के मामले में गैर जमानती वारंट जारी किया था।
परमबीर ने नहीं दिया समन का जवाब
मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने कहा कि उसने गैर जमानती वारंट जारी करने के लिए मुंबई की अदालत का दरवाजा खटखटाया क्योंकि परमबीर सिंह ने जांच में शामिल होने के लिए उसके समन का जवाब नहीं दिया। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि परमबीर सिंह को दो बार समन जारी किया गया था, एक बार यहां उनके आधिकारिक आवास पर और दूसरा उनके चंडीगढ़ पते पर। कोर्ट ने कारोबारी विनय सिंह और कथित गैंगस्टर रियाज भट्टी के खिलाफ भी वारंट जारी किया है।
28 अक्तूबर को ठाणे की एक अदालत ने परमबीर सिंह के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। परमबीर सिंह इस साल मई से लापता हैं। मुंबई क्राइम ब्रांच ने उन्हें नौ अक्तूबर को वसूली मामले में पूछताछ के लिए समन भेजा था। लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया।
ठाणे पुलिस ने जुलाई में परमबीर सिंह के खिलाफ एक लुकआउट नोटिस जारी किया था। परमबीर सिंह स्वास्थ्य कारणों से छुट्टी पर जाने के बाद से मई से लापता हैं। सिंह को उनके चंडीगढ़ स्थित आवास पर कई पत्र भेजे गए और उनके ठिकानों के बारे में पूछताछ की गई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
एंटीलिया मामले में मुंबई पुलिस आयुक्त से हुई थी छुट्टी
दक्षिण मुंबई में उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास एंटीलिया के पास विस्फोटकों वाली एसयूवी मिलने के मामले में मुंबई पुलिस के अधिकारी (एपीआई) सचिन वाजे को गिरफ्तार किए जाने के बाद परमबीर सिंह को भी मुंबई पुलिस प्रमुख के पद से हटा दिया गया और होमगार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया था।