मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। महाराष्ट्र सरकार की ओर से गठित चांदीवाल न्यायिक आयोग ने बुधवार को फिर वारंट जारी कर सिंह को 6 अक्तूबर तक पेश होने के लिए कहा है। वहीं, एक दिन पहले राज्य सरकार ने एक और मामले में एनसीबी को परमबीर सिंह के खिलाफ जांच की मंजूरी दी थी।
चांदीवाल आयोग 100 करोड़ रुपए के कथित वसूली का आरोप लगाने के मामले में परमबीर सिंह को कई समन जारी कर चुका है लेकिन वे आयोग के सामने अभी तक पेश नहीं हुए हैं। इसको लेकर उन पर तीन बार 5 हजार, 25 हजार और फिर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया जा चुका है।
उसके बाद आयोग ने 7 सितंबर को उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किया था। लेकिन वारंट तामील नहीं होने के कारण इसे अब 6 अक्तूबर तक फिर जारी किया गया है। मामले के लोक अभियोजक शिशिर हिरे ने इसकी पुष्टि की है।
गौरतलब है कि परमबीर सिंह ने मार्च महीने में राज्य के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ 100 करोड़ रुपए की वसूली का आरोप लगाया था। उन्होंने मुख्यमंत्री ठाकरे को इस संबंध में लिखे पत्र में कहा था कि अनिल देशमुख ने बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को हर महीने 100 करोड़ रुपये की वसूली का टार्गेट दिया था।