वडेट्टीवार ने कहा कि विदर्भ के एक भाजपा मंत्री ने पहले निरगुडे का अभिवादन किया और उन्हें एक समुदाय को पिछड़ा वर्ग श्रेणी में शामिल करने का सुझाव दिया। इस पर निरगुडे ने मना कर दिया।
महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार ने गुरुवार को विदर्भ से भाजपा के एक मंत्री पर सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति आनंद निरगुडे का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि न्यायमूर्ति का अपमान किया गया इसलिए उन्होंने राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया।
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पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्यों को धमकाया जा रहा
इससे पहले कांग्रेस नेता वडेट्टीवार ने मंगलवार को आरोप लगाया था कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्यों को धमकाया जा रहा है और उन्हें इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि निरगुडे ने चार दिसंबर को समिति के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था और सरकार ने नौ दिसंबर को इसे स्वीकार कर लिया था।
यह लगाया आरोप
वडेट्टीवार ने नागपुर में गुरुवार को पत्रकारों से कहा कि विदर्भ के एक भाजपा मंत्री ने पहले निरगुडे का अभिवादन किया और उन्हें एक समुदाय को पिछड़ा वर्ग श्रेणी में शामिल करने का सुझाव दिया। इस पर निरगुडे ने मना कर दिया। उन्होंने कहा कि मंत्री ने बाद में निरगुडे के खिलाफ बेहद अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। इस पर वह तुरंत वहां से चले गए और अपना इस्तीफा सौंप दिया।
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हर वॉर...
पत्रकारों ने मंत्री के नाम का खुलासा करने को कहा। इस पर वडेट्टीवार ने हिंदी में जवाब दिया, 'हर वॉर, युद्ध नहीं होता। मैं वडेट्टीवार हूं।'
सुधीर मुनगंटीवार पर आरोप?
यह पूछे जाने पर कि क्या वह राज्य के मंत्री सुधीर मुनगंटीवार का जिक्र कर रहे हैं इस पर कांग्रेस नेता ने सीधा जवाब नहीं दिया। हालांकि उन्होंने इससे इनकार भी नहीं किया।