महाराष्ट्र के सतारा में सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर भड़की हिंसा में गांव के नुरूल हसन लियाकत शिकलगर की मौत हो गई। नुरुल ही अपने परिवार का एकमात्र सहारा था। नुरूल के रिश्तेदार का कहना है कि वह अपने माता-पिता की इकलौती संतान था और उसकी पत्नी सात महीने की गर्भवती है।
अब पढ़िए, परिजन ने क्या बताया
परिजनों ने बताया कि नुरुल के माता-पिता और उसकी पत्नी भी अब धीरे-धीरे मौत को स्वीकार कर रहे हैं। नुरुल एक सिविल इंजीनियर था, जो सिविल कामों का ठेका लेता था। 10 सितंबर की शाम को वह मस्जिद में नमाज पढ़ने गया था, जहां केवल 10 से 15 लोग थे। इस दौरान करीब साढ़ें आठ बजे एक भीड़ आ गई। मस्जिद के अंदर बैठे लोगों ने गेट बंद कर लिया लेकिन भीड़ गेट तोड़कर अंदर घुस गई। भीड़ ने बाइकों को आग के हवाले कर दिया। भीड़ ने नुरुल पर हमला कर दिया, जिसमें उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने कहा- स्थिति अब नियंत्रण में है
पुलिस ने बताया कि घटना रविवार रात खटाओ तहसील के पुसेसावली गांव में हुई, जिससे दोनों समुदायों के बीच तनाव पैदा हो गया। एहतियात के तौर पर जिले में इंटरनेट सेवाएं निलंबित करनी पड़ीं। जिला प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, घटना में कुछ घर भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। सतारा के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटना में एक व्यक्ति की मौत हुई है तो वहीं, सात से आठ लोग घायल हैं। एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि एक समुदाय के कुछ युवाओं द्वारा आपत्तिजनक पोस्ट के कारण दो समुदायों के बीच तनाव पैदा हुआ। उन्होंने बताया कि पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और स्थिति अब नियंत्रण में है। एहतियाती कदम के तौर पर हमने जिले में इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी हैं और हम जनता से किसी भी अफवाह पर भरोसा नहीं करने का आग्रह करते हैं। इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है।