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उपराष्ट्रपतिः 84 कलाकारों को मिला संगीत नाटक अकादमी अवार्ड, उपराष्ट्रपति ने बताया किस बात लेकर दुखी हैं

Sat, 16 Sep 2023 08:30 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

उपराष्ट्रपति ने कहा कि इस दुनिया में कम ही देश हैं, जिनकी संस्कृति 500-700 साल से ज्यादा पुरानी हो लेकिन भारत की संस्कृति पांच हजार साल पुरानी है। 
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कलाकारों को सम्मानित करते उपराष्ट्रपति - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने शनिवार को 84 कलाकारों को संगीत नाटक अकादमी अमृत अवार्ड्स से सम्मानित किया। कला के विभिन्न क्षेत्रों के कलाकारों को इस दौरान सम्मानित किया गया। बता दें कि यह सम्मान 75 साल से ज्यादा के कलाकारों को दिया गया, जिन्हें आज तक कोई राष्ट्रीय सम्मान नहीं मिला है। सम्मान समारोह के दौरान उपराष्ट्रपति ने कहा कि देश के इतिहास में यह पहली बार है कि इन कलाकारों की कला को पहचान मिली है। इन कलाकारों के लिए 75 सालों में कुछ नहीं किया गया लेकिन इनका सम्मान, भारतीय संस्कृति का सम्मान है। इन्होंने देश की ख्याति दुनिया में बढ़ाई है। 
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70 पुरुष और 14 महिला कलाकारों को किया गया सम्मानित
उपराष्ट्रपति ने ये भी कहा कि ढांचागत तरीके से इन कलाकारों की मदद करने की जरूरत है। सरकार ने इस दिशा में कई कल्याणकारी योजनाएं भी शुरू की हैं। इस दुनिया में कम ही देश हैं, जिनकी संस्कृति 500-700 साल से ज्यादा पुरानी हो लेकिन भारत की संस्कृति पांच हजार साल पुरानी है। ऐसे में ये अहम है कि हम इन कलाकारों का सम्मान करें। उन्हें सुरक्षा दें, पोषित करें और उनकी देखभाल करें। जिन 84 कलाकारों को सम्मानित किया गया है, उनमें 70 पुरुष और 14 महिलाएं हैं। सम्मानित कलाकारों में जम्मू कश्मीर के कृष्ण लांगू, गोवा के जॉन क्लेरो फर्नांडेज, झारखंड के महाबीर नायक, लद्दाख के सेरिंग स्टेनजिन शामिल हैं। साथ ही सम्मानित कलाकारों में तीन कलाकार आंध्र प्रदेश, दो अरुणाचल प्रदेश, छह महाराष्ट्र, तीन उत्तर प्रदेश और गुजरात, दो पंजाब और दिल्ली के कलाकार शामिल हैं।  

बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, मणिपुर, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और मध्य प्रदेश के चार कलाकारों और असम, राजस्थान के पांच-पांच कलाकारों को सम्मानित किया गया। सम्मान के तहत कलाकारों को एक लाख रुपये, एक ताम्रपत्र और अंगवस्त्र दिया गया। अवार्ड समारोह के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और केंद्रीय राज्य संस्कृति मंत्री मीनाक्षी लेखी भी मौजूद रहीं। 
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'ये देखकर दुख होता है'
कार्यक्रम के दौरान उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि भारत, चांद पर पहुंच गया है लेकिन ये देखकर दुख होता है कि कुछ लोगों को देश की यह तरक्की पच नहीं रही है। उन्होंने पूर्व की सरकार की यह कहकर आलोचना की कि जिन्हें काफी पहले पद्म अवार्ड मिल जाने चाहिए थे, उन्हें नहीं मिले। इसरो की तारीफ करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि चंद्रयान-3 मिशन सफल रहा और यह पहली बार है कि चांद के दक्षिणी पोल पर पहली बार किसी देश के स्पेसक्राफ्ट ने लैंड किया। यह कोई छोटी उपलब्धि नहीं है। विश्व बैंक भी भारत की तरक्की की  तारीफ कर रहा है। ऐसे में यह देखकर दुख होता है कि कुछ लोग भारत की इस तरक्की को पचा नहीं पा रहे हैं।
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