तेलंगाना के हैदराबाद में हो रही कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक के पहले दिन तीन प्रस्ताव पारित किए गए। साथ ही पार्टी नेता देश के हालात पर चर्चा कर रहे हैं।कांग्रेस सांसद पी. चिदंबरम और पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सीडब्ल्यूसी में तीन प्रस्ताव पास हुए हैं। इसमें पहला केरल के पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी के निधन पर शोक प्रस्ताव है, दूसरा मणिपुर पर शोक प्रस्ताव और तीसरा हिमाचल प्रदेश की आपदा पर शोक प्रस्ताव है। इस प्रस्ताव में यह भी मांग की गई है कि हिमाचल प्रदेश की आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए ताकि प्रदेश को अधिक सहायता मिल सके।
तेलंगाना की राजधानी में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित करके कांग्रेस यह संदेश भी देना चाह रही है कि वह चुनावी राज्य में बीआरएस सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए हर संभव प्रयास करेगी। नेताओं का कहना है कि बैठक के दौरान कांग्रेस के शीर्ष नेताओं का विचार-विमर्श तेलंगाना की राजनीति के साथ-साथ पार्टी के लिए एक गेम चेंजर साबित होगा।
हिंसक घटनाओं से भारत की प्रगतिशील, धर्मनिरपेक्ष छवि को नुकसान पहुंचा, भाजपा ने आग में घी डाला: खरगे
बैठक के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि देश गंभीर आंतरिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। हिंसा की घटनाएं प्रगतिशील और धर्मनिरपेक्ष भारत की छवि को खराब कर रही हैं और भाजपा "आग में घी" डाल रही है। सीडब्ल्यूसी की बैठक में उन्होंने यह भी कहा कि समाज के वंचित वर्गों के लिए पार्टी स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और खाद्य सुरक्षा के अधिकार को सुरक्षित करने के लिए जाति सर्वेक्षण के साथ-साथ जनगणना प्रक्रिया की तत्काल शुरुआत की मांग करती है।
कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि तीन सफल बैठकों के बाद, विपक्षी गठबंधन जनविरोधी और लोकतंत्र विरोधी भाजपा सरकार से मुकाबला करने के लिए आगे बढ़ रहा है।इससे परेशान होकर भाजपा सरकार विपक्षी दलों के खिलाफ बदले की भावना से कार्रवाई कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि हम संसद में विपक्ष को दबाने और संसद में सार्वजनिक जांच को कम करने के सरकार के प्रयासों की भी कड़ी निंदा करते हैं। इस दौरान खरगे ने संसद का आगामी विशेष सत्र को बुलाने पर भी जवाल खड़े। उन्होंने कहा कि यह सत्तारूढ़ दल के इरादों पर चिंता पैदा करता है।
सीडब्ल्यूसी की यह पहली बैठक
कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि पिछले साल अक्टूबर में पार्टी अध्यक्ष का पद संभालने के बाद सीडब्ल्यूसी की यह पहली बैठक होगी। उन्होंने कहा कि सीडब्ल्यूसी की बैठक के बाद रविवार को विस्तारित कार्यसमिति की बैठक होगी, जिसमें पार्टी संगठन के बारे में चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और सभी वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे और पांच राज्यों में आगामी चुनावों के संबंध में चर्चा करेंगे।
खरगे ने कहा कि बैठक का उद्देश्य संगठन को मजबूत करना है। इंडिया ब्लॉक की बैठक में गठबंधन पर चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि गठबंधन के बारे में जब गठबंधन के साथियों के साथ बैठेंगे तो तब सभी चीजें तय हो जाएंगी।
पहली बार दिल्ली के बाहर होगी सीडब्लूसी की बैठक
खरगे की अध्यक्षता में होने वाली सीडब्ल्यूसी बैठक की विस्तृत योजना की घोषणा करते हुए महासचिव केसी वेणुगोपाल और जयराम रमेश ने शुक्रवार को कहा कि कई वर्षों में यह पहली बार है कि पार्टी की शीर्ष निर्णय लेने वाली इकाई दिल्ली के बाहर तीन दिनों तक विचार-विमर्श करेगी। उन्होंने कहा कि इसमें आगामी विधानसभा चुनावों और लोकसभा चुनावों की रणनीति पर विचार-विमर्श किया जाएगा। वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष उपस्थित रहेंगे। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और स्थायी आमंत्रित सदस्यों और विशेष आमंत्रित सदस्यों सहित कार्य समिति के अन्य सभी सदस्य भी भाग लेंगे।
रविवार को होगी विस्तारित सीडब्ल्यूसी की बैठक
रविवार को विस्तारित सीडब्ल्यूसी की बैठक होगी, जिसमें सभी राज्य पार्टी प्रमुखों और सीएलपी नेताओं के अलावा संसदीय दल के पदाधिकारियों, केंद्रीय चुनाव समिति के सदस्यों को आगामी चुनावों के लिए रणनीति बनाने के लिए आमंत्रित किया गया है। वेणुगोपाल ने कहा कि हमने 159 लोगों को आमंत्रित किया, उनमें से 147 रविवार को बैठक में भाग ले रहे हैं।
उन्होंने कहा कि रविवार शाम को तेलंगाना राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इसके लिए पार्टी हैदराबाद के पास एक महारैली आयोजित करेगी, जहां वह तेलंगाना विधानसभा चुनाव के लिए छह गारंटी की घोषणा करेगी। उन्होंने बताया कि पार्टी के सांसद रैली के बाद संसद के विशेष सत्र के लिए दिल्ली लौट आएंगे। वहीं, अन्य नेता, सीडब्ल्यूसी सदस्य, पीसीसी अध्यक्ष और सीएलपी नेता विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में जाएंगे।
खरगे ने 20 अगस्त को सीडब्ल्यूसी का पुनर्गठन किया था, जिसमें पुराने नेताओं को बरकरार रखा गया था और 84 सदस्यीय निकाय में युवाओं को जगह दी गई थी। सीडब्ल्यूसी में 39 नियमित सदस्य, 32 स्थायी आमंत्रित सदस्य और 13 विशेष आमंत्रित सदस्य हैं। इनमें 15 महिलाएं और शशि थरूर, सचिन पायलट और गौरव गोगोई जैसे कई नए चेहरे शामिल हैं जो नियमित सदस्यों में से हैं।