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हैदराबाद में CWC की बैठक: सनातन धर्म विवाद पर क्या बात हुई? पी चिदंबरम ने दिया ये जवाब

Sat, 16 Sep 2023 08:00 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद

सार

तेलंगाना की राजधानी रवाना होने से पहले मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि पिछले साल अक्टूबर में पार्टी अध्यक्ष का पद संभालने के बाद सीडब्ल्यूसी की यह पहली बैठक होगी। उन्होंने कहा कि सीडब्ल्यूसी के बाद रविवार को विस्तारित कार्यसमिति की बैठक भी होगी।
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पी चिदंबरम (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
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विस्तार
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तेलंगाना के हैदराबाद में हो रही कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक के पहले दिन तीन प्रस्ताव पारित किए गए। साथ ही पार्टी नेता देश के हालात पर चर्चा कर रहे हैं।कांग्रेस सांसद पी. चिदंबरम और पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सीडब्ल्यूसी में तीन प्रस्ताव पास हुए हैं। इसमें पहला केरल के पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी के निधन पर शोक प्रस्ताव है, दूसरा मणिपुर पर शोक प्रस्ताव और तीसरा हिमाचल प्रदेश की आपदा पर शोक प्रस्ताव है। इस प्रस्ताव में यह भी मांग की गई है कि हिमाचल प्रदेश की आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए ताकि प्रदेश को अधिक सहायता मिल सके।

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एक देश, एक चुनाव संविधान पर हमला
चिदंबरम ने कहा कि सीडब्ल्यूसी एक मसौदा प्रस्ताव पर विचार-विमर्श कर रही है। विचार-विमर्श अभी भी चल रहा है। हम देश के हालात पर चर्चा कर रहे हैं। आने वाले आर्थिक संकट, आंतरिक और बाहरी सुरक्षा खतरे देश के लिए एक बड़ी चुनौती हैं। उन्होंने कहा कि एक देश, एक चुनाव संविधान पर हमला है। हम इसे स्वीकार नहीं करेंगे। यह संघवाद पर हमला है। इसके लिए कम से कम पांच सांविधानिक संशोधनों की जरूरत होगी और भाजपा को भी पता है कि उसके पास इन सांविधानिक संशोधनों को पास कराने के लिए पर्याप्त संख्याबल नहीं है। यदि फिर भी एक देश, एक चुनाव के शिगूफे को सामने लाया जाता है तो यह केवल ज्वलंत मुद्दों से ध्यान भटकाना होगा। उन्होंने कहा कि राजनीतिक स्थिति पर हमारा मानना है कि देश के सांविधानिक और संघीय ढांचे के लिए चुनौती है। संघवाद को व्यवस्थित रूप से कमजोर किया जा रहा है। राज्य सरकारों के कामकाज को बाधित किया गया है, राज्यों को राजस्व देने से इन्कार कर दिया गया है या कम कर दिया गया है और राज्य सरकारों को उनकी जिम्मेदारियों के निर्वहन के रास्ते में बाधाएं खड़ी की गई हैं।

भारत जोड़ो यात्रा 2 निकालने पर विचार चल रहा
पूर्व केंद्रीय मंत्री चिदंबरम ने कहा कि सीडब्ल्यूसी के सदस्यों ने आग्रह किया है कि हमें पूर्व से पश्चिम तक भारत जोड़ो यात्रा 2 निकालनी चाहिए। यह मामला विचाराधीन है। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पिछले साल 7 सितंबर को कन्याकुमारी से भारत जोड़ो यात्रा निकाली थी जो इस साल 30 जनवरी को कश्मीर में समाप्त हुई थी। 136 दिन की यात्रा के दौरान कांग्रेस नेताओं ने 4081 किलोमीटर की दूरी तय की थी। इस यात्रा के दौरान 12 राज्यों और दो केंद्रशासित प्रदेशों, 75 जिलों व 76 लोकसभा क्षेत्रों को कवर किया गया था।
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तेलंगाना के हैदराबाद में आयोजित हो रही कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक का आज पहला दिन था। पहले दिन की चर्चा के बाद पार्टी नेताओं ने पत्रकारों से बात की। इस दौरान उनसे पूछा गया कि पार्टी की बैठक में क्या सनातन धर्म को लेकर जारी विवाद पर भी बात हुई तो इसके जवाब में पार्टी के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने कहा कि सनातन धर्म को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई। कांग्रेस अध्यक्ष ने साफ कर दिया था कि सनातन धर्म पर जारी विवाद में कांग्रेस पार्टी शामिल नहीं होगी। हम सर्व धर्म समभाव में विश्वास रखते हैं और हम उस पर कायम हैं। बीते कई दशकों से पार्टी का यही स्टैंड रहा है। 

'मणिपुर जाने के लिए पीएम के पास समय नहीं'
पी चिदंबरम ने ये भी कहा कि 'कार्यसमिति की बैठक में पार्टी कार्यकर्ताओं ने मांग की कि पूर्व से पश्चिम तक भारत जोड़ो यात्रा 2 निकाली जाए। फिलहाल इस मांग पर चर्चा चल रही है। पी चिदंबरम ने मणिपुर के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार और पीएम मोदी को घेरा। चिदंबरम ने कहा कि पीएम मोदी आसियान देशों के सम्मेलन में शामिल हुए और फिर जी20 सम्मेलन में शरीक हुए लेकिन उनके पास मणिपुर जाने के लिए दो घंटे नहीं हैं! संसद का सत्र शुरू होने से पहले वह सिर्फ दो मिनट मणिपुर के मुद्दे पर बोले थे।' 

'संघवाद को कमजोर किया जा रहा'
चिदंबरम ने कहा कि 'देश में संविधान और संघीय ढांचे को चुनौती दी जा रही है। संघवाद को कमजोर किया जा रहा है। राज्य सरकारों को राजस्व में हिस्सा नहीं दिया जा रहा है या फिर कम दिया जा रहा है। राज्य सरकारों को उनके काम नहीं करने दिए जा रहे हैं।' इससे पहले पुनर्गठित कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की पहली बैठक शनिवार को हैदराबाद में हुई। बताया जा रहा है कि पांच राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों और 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए रणनीति तैयार करने के लिए यह बैठक आयोजित की जा रही है। 

तेलंगाना की राजधानी में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित करके कांग्रेस यह संदेश भी देना चाह रही है कि वह चुनावी राज्य में बीआरएस सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए हर संभव प्रयास करेगी। नेताओं का कहना है कि बैठक के दौरान कांग्रेस के शीर्ष नेताओं का विचार-विमर्श तेलंगाना की राजनीति के साथ-साथ पार्टी के लिए एक गेम चेंजर साबित होगा।

हिंसक घटनाओं से भारत की प्रगतिशील, धर्मनिरपेक्ष छवि को नुकसान पहुंचा, भाजपा ने आग में घी डाला: खरगे 
बैठक के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि देश गंभीर आंतरिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। हिंसा की घटनाएं प्रगतिशील और धर्मनिरपेक्ष भारत की छवि को खराब कर रही हैं और भाजपा "आग में घी" डाल रही है। सीडब्ल्यूसी की बैठक में उन्होंने यह भी कहा कि समाज के वंचित वर्गों के लिए पार्टी स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और खाद्य सुरक्षा के अधिकार को सुरक्षित करने के लिए जाति सर्वेक्षण के साथ-साथ जनगणना प्रक्रिया की तत्काल शुरुआत की मांग करती है। 
 
कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि तीन सफल बैठकों के बाद, विपक्षी गठबंधन जनविरोधी और लोकतंत्र विरोधी भाजपा सरकार से मुकाबला करने के लिए आगे बढ़ रहा है।इससे परेशान होकर भाजपा सरकार विपक्षी दलों के खिलाफ बदले की भावना से कार्रवाई कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि हम संसद में विपक्ष को दबाने और संसद में सार्वजनिक जांच को कम करने के सरकार के प्रयासों की भी कड़ी निंदा करते हैं। इस दौरान खरगे ने संसद का आगामी विशेष सत्र को बुलाने पर भी जवाल खड़े। उन्होंने कहा कि यह सत्तारूढ़ दल के इरादों पर चिंता पैदा करता है।
 

सीडब्ल्यूसी की यह पहली बैठक
कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि पिछले साल अक्टूबर में पार्टी अध्यक्ष का पद संभालने के बाद सीडब्ल्यूसी की यह पहली बैठक होगी। उन्होंने कहा कि सीडब्ल्यूसी की बैठक के बाद रविवार को विस्तारित कार्यसमिति की बैठक होगी, जिसमें पार्टी संगठन के बारे में चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और सभी वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे और पांच राज्यों में आगामी चुनावों के संबंध में चर्चा करेंगे। 


खरगे ने कहा कि बैठक का उद्देश्य संगठन को मजबूत करना है। इंडिया ब्लॉक की बैठक में गठबंधन पर चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि गठबंधन के बारे में जब गठबंधन के साथियों के साथ बैठेंगे तो तब सभी चीजें तय हो जाएंगी।

पहली बार दिल्ली के बाहर होगी सीडब्लूसी की बैठक
खरगे की अध्यक्षता में होने वाली सीडब्ल्यूसी बैठक की विस्तृत योजना की घोषणा करते हुए महासचिव केसी वेणुगोपाल और जयराम रमेश ने शुक्रवार को कहा कि कई वर्षों में यह पहली बार है कि पार्टी की शीर्ष निर्णय लेने वाली इकाई दिल्ली के बाहर तीन दिनों तक विचार-विमर्श करेगी। उन्होंने कहा कि इसमें आगामी विधानसभा चुनावों और लोकसभा चुनावों की रणनीति पर विचार-विमर्श किया जाएगा। वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष उपस्थित रहेंगे। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और स्थायी आमंत्रित सदस्यों और विशेष आमंत्रित सदस्यों सहित कार्य समिति के अन्य सभी सदस्य भी भाग लेंगे।

रविवार को होगी विस्तारित सीडब्ल्यूसी की बैठक
रविवार को विस्तारित सीडब्ल्यूसी की बैठक होगी, जिसमें सभी राज्य पार्टी प्रमुखों और सीएलपी नेताओं के अलावा संसदीय दल के पदाधिकारियों, केंद्रीय चुनाव समिति के सदस्यों को आगामी चुनावों के लिए रणनीति बनाने के लिए आमंत्रित किया गया है। वेणुगोपाल ने कहा कि हमने 159 लोगों को आमंत्रित किया, उनमें से 147 रविवार को बैठक में भाग ले रहे हैं।

उन्होंने कहा कि रविवार शाम को तेलंगाना राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इसके लिए पार्टी हैदराबाद के पास एक महारैली आयोजित करेगी, जहां वह तेलंगाना विधानसभा चुनाव के लिए छह गारंटी की घोषणा करेगी। उन्होंने बताया कि पार्टी के सांसद रैली के बाद संसद के विशेष सत्र के लिए दिल्ली लौट आएंगे। वहीं, अन्य नेता, सीडब्ल्यूसी सदस्य, पीसीसी अध्यक्ष और सीएलपी नेता विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में जाएंगे।

खरगे ने 20 अगस्त को सीडब्ल्यूसी का पुनर्गठन किया था, जिसमें पुराने नेताओं को बरकरार रखा गया था और 84 सदस्यीय निकाय में युवाओं को जगह दी गई थी। सीडब्ल्यूसी में 39 नियमित सदस्य, 32 स्थायी आमंत्रित सदस्य और 13 विशेष आमंत्रित सदस्य हैं। इनमें 15 महिलाएं और शशि थरूर, सचिन पायलट और गौरव गोगोई जैसे कई नए चेहरे शामिल हैं जो नियमित सदस्यों में से हैं।

 

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