भड़काऊ भाषण मामले में हैदराबाद स्पेशल् कोर्ट ने असदुद्दीन ओवैसी के भाई व एआईएमआईएम विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने ओवैसी को मामले में बरी कर दिया है। विशेष अदालत ने मंगलवार को इस मामले की सुनवाई की थी। इसके बाद फैसला 13 अप्रैल तक के लिए टाल दिया था।
एमपी-एमएलए के लिए विशेष सत्र न्यायालय ने इस मामले में बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष की दलीलें पूरी हो जाने के बाद 12 अप्रैल को फैसला सुनाने की बात कही थी, लेकिन न्यायालय ने फैसला बुधवार तक के लिए टाल दिया।
तेलंगाना विधानसभा में एआईएमआईएम के नेता अकबरुद्दीन ओवैसी दिसंबर 2012 में निजामाबाद और निर्मल में दिए गए अपने भड़काऊ भाषण के मामले में मंगलवार को कोर्ट के सामने सामने पेश हुए थे। एक समुदाय के खिलाफ सार्वजनिक सभा में भड़काऊ और घृणास्पद बयान देने को लेकर उनके खिलाफ आईपीसी की धाराओं के तहत हेट स्पीच का मामला दर्ज किया गया था।
इससे पहले अकबरुद्दीन ओवैसी के खिलाफ आठ दिसंबर 2012 में निजामाबाद जिले और 22 दिसंबर 2012 में निर्मल शहर में 'हेट स्पीच' के कई मामलों में एफआईआर दर्ज की गई थी। निर्मल में ओवैसी ने कथित भड़काऊ भाषण दिया था जिसमें उन्होंने सड़कों से 15 मिनट के लिए पुलिस को हटाने की बात की थी। आरोप था कि ओवैसी इस दौरान सांप्रदायिक संघर्ष की बात कर रहे थे। इसी मामले में जनवरी 2013 में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था, हालांकि बाद में उन्हें जमानत पर छोड़ दिया गया।
इसके बाद अपराध जांच विभाग(सीआईडी) ने 2016 में निजामाबाद वाले मामले में जांच करके चार्जशीट दाखिल की थी। वहीं, इसी साल निर्मल मामले में जिले की पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। निजामाबाद मामले में 41 गवाह जबकि निर्मल के हेट स्पीच मामले में कुल 33 गवाह पेश किए गए थे।