प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत उत्तर प्रदेश सरकार ने 100 दिन से भी कम में घर बनाकर इतिहास रच दिया है। 2016 में शुरू हुई इस योजना में 314 दिन में घर बनता था। 2018-19 में घटकर यह 114 दिन रह गया था। यूपी ने इन दिनों में भी कमी करके अपने यहां 75 फीसदी घरों को रिकॉर्ड कम समय में पूरा करने की उपलब्धि हासिल कर ली है।
प्रदेश की इस उपलब्धि को अन्य राज्यों तक पहुंचाने के लिए अब ग्रामीण विकास मंत्रालय ने यूपी को अन्य राज्यों को इस कार्ययोजना को बढ़ाने का जिम्मा सौंपा है। इसकी एक कार्यशाला उत्तराखंड में हुई जिसमें हिमाचल, जम्मू और कश्मीर, पंजाब, हरियाणा के साथ उत्तर प्रदेश ने अपनी सफलता की कहानी को साझा किया।
यूपी को 2022 तक 12 लाख 82 हजार घर बनाने थे। इसमें 12 लाख 43 हजार घर बन कर तैयार हो गए हैं। एक लाख 56 हजार 92 घरों की ऑनलाइन मॉनीटरिंग की जा रही है। इसमें 71 हजार 473 घरों को पहली किश्त भी जारी हो गई है।
यूपी सरकार ने जिओ टैगिग और सख्त अनुशासन के बल पर इतने कम समय में इसे हासिल किया है। ग्रामीण मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार खासतौर पर ग्रामीण मंत्रालय ने घरों के निर्माण में पंचायत से लेकर जिलाधिकारी तक की भूमिका का निर्धारण कर दिया है। इसमें कोताही के चलते तीन से चार आईएएस अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।