भारतीय रिजर्व बैंक (फाइल फोटो)
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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने एक सर्कुलर जारी किया है जिसके तहत अब संसद के सदस्य और विधायक या स्थानीय निकाय जैसे नगर निगम, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के बोर्ड में शामिल नहीं हो सकेंगे।
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में बोर्ड के सदस्यों के पद के लिए उम्मीदवार किसी भी प्रतिद्वंद्वी बैंक, आरबीआई, किसी भी वित्तीय संस्थान, बीमा कंपनी या किसी अन्य बैंक की गैर-वित्तीय होल्डिंग कंपनी (वाणिज्यिक बैंक, भारतीय स्टेट बैंक सहकारी बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक) का सदस्य नहीं होना चाहिए।
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के बोर्ड में निदेशक के रूप में नियुक्ति के लिए किराया-खरीद, वित्तपोषण, धन उधार, निवेश और पैरा बैंकिंग गतिविधियों से जुड़े लोगों पर विचार नहीं किया जाएगा। आरबीआई ने कहा, हालांकि, ऐसी संस्थाओं के निवेशकों को निदेशक के रूप में नियुक्ति के लिए अयोग्य घोषित नहीं किया जाएगा जो उनमें से किसी प्रबंधकीय नियंत्रण के पद पर कार्यरत न हो।
आरबीआई ने आगे कहा कि इसके अलावा, उस व्यक्ति को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के बोर्ड में निर्वाचित या पुन: निर्वाचित नहीं किया जाएगा अगर उसने किसी बैंक, वित्तीय संस्थान, या बीमा कंपनी के बोर्ड में पूर्व में निदेशक के रूप में छह साल तक सेवा दी हो। चाहे वो लगातार हो या फिर समय-समय पर हो।