जदयू और निषाद पार्टी के बाद अब केंद्र में सरकार की सहयोगी आरपीआई (ए) ने भी गठबंधन के लिए भाजपा पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। आरपीआई के मुखिया और केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि हम बसपा को रोकने के मामले में भाजपा के काम आ सकते हैं।
भाजपा के कई सहयोगी दलों की पार्टी के विस्तार के लिए उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पर नजर है। जदयू, निषाद पार्टी के बाद अब केंद्र में सरकार की सहयोगी आरपीआई (ए) ने भी गठबंधन के लिए भाजपा पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। जदयू ने गठबंधन नहीं होने पर जहां सभी सीटों पर चुनाव लड़ने की चेतावनी दी है, वहीं आरपीआई ने भाजपा से एक दर्जन सीटों की मांग की है।
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आरपीआई के मुखिया और केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने अमर उजाला से कहा कि हम बसपा को रोकने के मामले में भाजपा के काम आ सकते हैं। आरपीआई में बसपा का वोट काटने की क्षमता है। हमने भाजपा नेतृत्व से एक दर्जन सीटें मांगी हैं। राज्य के दलितों में पार्टी का प्रभाव है। चुनाव तैयारियों के लिए पार्टी 26 सितंबर से 18 दिसंबर तक पूरे राज्य में बहुजन कल्याण यात्रा निकालेगी। यात्रा की शुरुआत सहारनपुर से होगी जबकि समापन लखनऊ में होगा।
गौरतलब है कि जदयू ने भी भाजपा पर यूपी में कम से कम एक दर्जन सीट देने का दबाव बनाया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने कहा है कि अगर चुनाव पूर्व गठबंधन नहीं होता है तो जदयू राज्य की सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी। वहीं चुनाव पूर्व गठबंधन के लिए निषाद पार्टी से भाजपा की पहले ही बातचीत चल रही है। बीते चुनाव में भाजपा अपना दल और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के साथ चुनाव मैदान में थी। हालांकि सुहेलदेव पार्टी ने बाद में राजग से दूरी बना ली थी।