सोमवार को काबुल एयरपोर्ट से एक भयावह तस्वीर सामने आई थी। रनवे पर दौड़ रहे अमेरिकी वायुसेना के बड़े विमान के साथ-साथ लोगों का हुजूम भी चल रहा था। इनमें से कुछ लोग विमान के पहियों के ऊपर बनी जगह पर लटक गए थे। ठीक एक दिन बाद एक और तस्वीर सामने आई। यह तस्वीर संभवत: उसी विमान के अंदर की थी। विमान के अंदर महिलाएं और बच्चे भी नजर आ रहे थे। आखिर कौन हैं ये लोग और इन्हें अमेरिका क्यों एयरलिफ्ट कर रहा था, पढ़ें इससे जुड़े 10 अहम सवालों के जवाब...
सबसे पहले जानिए आखिर काबुल में हो क्या रहा है?
पिछले महज 20 दिनों में तालिबान 20 साल पुरानी अपनी हुकूमत को दोबारा हासिल कर चुका है। बीती 15 अगस्त को उसने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर भी कब्जा कर लिया। राष्ट्रपति अशरफ गनी चार कारों और हेलीकॉप्टर में कैश भरकर देश छोड़कर भाग गए। काबुल की अहम सरकारी इमारतों से लेकर भारत की बनाई नई संसद तक तालिबान के बंदूकधारी आतंकी ही नजर आ रहे हैं।
काबुल एयरपोर्ट पर किसका नियंत्रण है?
काबुल का हामिद करजई एयरपोर्ट अभी भी अमेरिकी सेना के नियंत्रण में है। दुनियाभर के देशों ने अगले 15 दिन में अपने हर एक नागरिक को अफगानिस्तान से निकालने का लक्ष्य रखा है। उन्हें काबुल से एयरलिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए अमेरिका अपने तीन हजार मरीन कमांडो और चार हजार सैनिकों को एयरपोर्ट की सुरक्षा के लिए काबुल भेज रहा है।
बीते दो दिन में एयरपोर्ट पर क्या हुआ?
एयरपोर्ट पर रविवार-सोमवार को हालात बेकाबू हो गए। लोगों को हटाने के लिए अमेरिकी सेना ने गोलियां चलाईं। इसमें दो लोगों की मौत हो गई। रनवे पर किसी बस स्टैंड या रेलवे स्टेशन की भीड़ की तरह बड़ी तादाद में लोग जमा थे। इन्हें रनवे से हटाने के लिए कई घंटों तक उड़ानें बंद रखनी पड़ीं।
काबुल एयरपोर्ट के रनवे पर विमान के साथ दौड़ते लोग
- फोटो : वीडियो स्क्रीनग्रैब
यह तस्वीर काबुल एयरपोर्ट के रनवे की थी। अमेरिकी वायुसेना का बड़ा विमान उड़ान भर रहा था। लोग उसके साथ-साथ दौड़ रहे थे। कुछ अफगान नागरिक विमान के पहियों के ऊपर बनी जगह पर लटकने में कामयाब रहे। विमान ने तो उड़ान भर ली, लेकिन इन यात्रियों ने संतुलन खो दिया। तीन यात्रियों की आसमान से गिरकर मौत हो गई। इनकी लाशें मकानों की छत पर मिलीं।
मंगलवार की तस्वीर में क्या है और यह क्यों चर्चा में आई?
यह तस्वीर अमेरिकी वायुसेना के कार्गो विमान सी-17 ग्लोबमास्टर III की है। इस विमान का इतिहास 30 साल पुराना है। यह विमान 77,564 किलोग्राम वजन उठाकर ले जा सकता है, लेकिन अंदर सिर्फ 134 सैनिकों के बैठने की जगह है। इसके बावजूद इस विमान के अंदर क्षमता से पांच गुना ज्यादा अफगान नागरिक सवार हो गए। इनमें महिलाएं और बच्चे भी थे। पहले इनकी संख्या 800 बताई गई, लेकिन बाद में अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने कहा कि इनकी संख्या 640 से कुछ ज्यादा थी। इससे पहले 2013 में फिलिपींस में तूफान के दौरान 670 लोगों को इस विमान के जरिए एयरलिफ्ट किया गया था।
यह विमान कहां उतरा?
ज्यादा यात्रियों के बावजूद अमेरिकी वायुसेना के पायलट और क्रू ने यात्रियों को नहीं उतारा। उन्होंने सभी यात्रियों के साथ उड़ान भरने का फैसला लिया। विमान काबुल एयरपोर्ट से उड़ा और कतर के अल उदैद एयरबेस पर उतरा।
अमेरिका के कितने लोग अफगानिस्तान में फंसे हैं?
अमेरिका को बड़ी तादाद में अपने लोगों को अफगानिस्तान से वापस लाना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब चार हजार लोग तो सिर्फ काबुल में अमेरिकी दूतावास में काम कर रहे थे। इनमें से 1400 अमेरिकी और बाकी अफगान या दूसरे देशों के नागरिक हैं। अब तक अमेरिका अपने 500 स्टाफ मेंबर्स को अफगानिस्तान से निकाल चुका है। अमेरिका तालिबान से बातचीत कर रहा है ताकि उसके विमानों और दूतावास पर आतंकी हमला न करें।
अमेरिकी कार्गो विमान सी-17 के अंदर की तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
बड़ा सवाल यह है कि अपने लोगों को अफगानिस्तान से निकालने की चुनौती के बावजूद अमेरिका अफगान नागरिकों को कतर क्यों ले जा रहा था? दरअसल, तालिबान के काबुल पर कब्जे से ठीक एक दिन पहले यानी 14 अगस्त को अमेरिका ने कतर के साथ एक समझौते पर बातचीत की। इसके तहत कतर अस्थाई तौर पर ऐसे अफगान नागरिकों को अपने मुल्क में रहने के लिए जगह देगा, जो जंग की वजह से विस्थापित हो गए थे या फिर अमेरिकी मिशन के लिए काम कर रहे थे। ऐसे आठ हजार लोगों को कतर में भेजा जा सकता है। पहले जत्थे के तहत अमेरिकी दूतावास से जुड़े एक हजार अफगान नागरिकों को कतर भेजा जाना है। यही वजह है कि अमेरिका का कार्गो विमान अफगान नागरिकों को लेकर काबुल से कतर के लिए रवाना हुआ।
अमेरिका की कितने अफगान नागरिकों ने मदद की?
इसे लेकर अलग-अलग दावे हैं। अमेरिकी मीडिया के मुताबिक, बीते दो दशक में अमेरिकी मिशन की अफगानिस्तान के 80 हजार से लेकर तीन लाख लोगों ने मदद की। बाइडेन प्रशासन इन सभी को अफगानिस्तान से सुरक्षित बाहर निकालना चाहता है क्योंकि यह डर है कि इन लोगों को तालिबान के आतंकी प्रताड़ित कर सकते हैं।
ऐसे कितने अफगान नागरिक अमेरिका पहुंच चुके हैं?
अमेरिका ने अपने सैनिकों, राजनयिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए अफगान नागरिकों की मदद ली थी। ऐसे कई अफगान नागरिकों का पिछले कुछ वर्षों में अपहरण किया गया या उन पर हमले हुए। इसके बाद अमेरिका ने इनके लिए विशेष वीजा कार्यक्रम चलाया। अब तक 15 हजार से ज्यादा अफगान नागरिक अमेरिका में विशेष वीजा के तहत जा चुके हैं। 18 हजार वीजा आवेदन लंबित हैं।