सारस को सबसे अधिक इटावा के आसपास का हवापानी पसंद आया है, जहां इसकी संख्या रिकॉर्ड 3289 तक पहुंच चुकी है, जबकि मऊ के इलाके में लगभग दस वर्षों के बाद पहली बार सारस देखा गया है।
उत्तर प्रदेश के राज्य पक्षी सारस को एक बार फिर प्रदेश की आबोहवा पसंद आ गई है। पहले चिंताजनक स्तर तक इनकी संख्या कम होने के बाद अब लगातार सारस की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। राज्य सरकार ने नई गणना के आधार पर दावा किया है कि राज्यपक्षी सारस की प्रदेश में कुल संख्या 20 हजार के करीब पहुंच गई है।
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सारस को सबसे अधिक इटावा के आसपास का हवापानी पसंद आया है, जहां इसकी संख्या रिकॉर्ड 3289 तक पहुंच चुकी है, जबकि मऊ के इलाके में लगभग दस वर्षों के बाद पहली बार सारस देखा गया है। माना जा रहा है कि राज्य सरकार के प्रयास के साथ साथ लोगों में वन्य जीवों के प्रति आ रही जागरूकता के कारण सारस की संख्या बढ़ाने में सहायता मिल सकी है।
जानकारी के अनुसार, राज्य में प्रतिवर्ष दो बार राज्यपक्षी सारस की गणना की जाती है। गर्मियों में हुई गणना (20-21 जून 2024) में प्रदेश में कुल 19,918 सारस पाए गए हैं। यह पिछले वर्ष की तुलना में 396 अधिक है। इटावा वन प्रभाग में सर्वाधिक 3289 सारस मिले हैं। 10 वन प्रभागों में यह संख्या 500 से अधिक रही है, जबकि मऊ वन प्रभाग में दस वर्ष में पहली बार छह सारस पक्षी देखे गए हैं। अयोध्या में 78, प्रयागराज में 18 तो जौनपुर में 11 सारस देखे गए हैं। वर्ष 2021 में राज्य में 17,329 सारस पाए गए थे।