उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का उद्घाटन किया है। पांच अगस्त 2020 में अयोध्या में राम मंदिर के लिए भूमि पूजन करने और इस साल नवंबर में केदारनाथ मंदिर में आदि शंकराचार्य की 12 फुट की प्रतिमा का उद्घाटन करने के बाद पीएम मोदी के 700 करोड़ रुपये की काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का उद्घाटन करने से भारतीय जनता पार्टी को यूपी चुनाव में बड़ा सियासी फायदा मिलने की उम्मीद है। कहा जा रहा है कि खासतौर पर पूर्वांचल में भाजपा को अपना जनाधार मजबूत रखने में सहायता मिलेगी। चुनावी साल को देखते हुए भाजपा ने इस कार्यक्रम का आयोजन भी बहुत भव्य किया और इसमें कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी शिरकत की।
चुनाव में हिंदुत्व+विकास का एजेंडा
पीएम मोदी के दूसरे कार्यकाल के दौरान यह तीसरी बार होगा जब पीएम मोदी ने प्राचीन हिंदू मंदिरों से संबंधित प्रमुख विकास या निर्माण कार्यों का उद्घाटन किया है। गृह मंत्री अमित शाह ने अहमदाबाद में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि नरेंद्र मोदी सरकार आने के बाद मोदी सरकार ने उन हिंदुओं के धार्मिक स्थलों का विकास किया है जिनकी पहले उपेक्षा की जा रही थी। भाजपा अयोध्या और काशी विश्वनाथ मंदिर के विकास के रूप में भी अपना दावा पूरा करती नजर आ रही है।
माना जा रहा है कि इसका फायदा भाजपा को उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में तो मिलेगा ही प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र होने के कारण लोकसभा चुनाव में भी इसका फायदा मिल सकता है। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में केवल मंदिरों का ही विकास नहीं हुआ है बल्कि पूरे बनारस की गलियों, चौराहों, सड़कों और फ्लाईओवरों का भी विकास किया गया है। भाजपा गुजरात मॉडल की तरह काशी-विश्वनाथ कॉरिडोर परियोजना को मतदाताओं के सामने आध्यात्मिक और विकास मॉडल के रूप में पेश करेगी।