प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गीडा दफ्तर में अमर उजाला के डिजिटल संस्करण gorakhpur. amarujala.com का लोकार्पण किया। लैपटॉप पर जैसे ही मुख्यमंत्री ने एक क्लिक किया, उनके सामने लगी स्क्रीन पर खबरों के दिखने का सिलसिला शुरू हो गया। शुभकामना देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि खबरों की गुणवत्ता से ही अमर उजाला की पहचान है। मुझे पूरा विश्वास है कि डिजिटल संस्करण भी उसी मानदंडों के अनुरूप दिखेगा।
मुख्यमंत्री ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया, उनके साथ एमएमएमयूटी के कुलपति प्रो. एसएन सिंह, एनईआर के सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह, आरपीएम समूह के डायरेक्टर अजय शाही भी थे।
मुख्यमंत्री ने फेसबुक लाइव पर व्यूवर के सवालों का बड़ी बेबाकी से जवाब दिया। उन्होंने अमर उजाला के प्रकाशन यूनिट को भी देखा और अत्याधुनिक नई मशीन का बटन दबाकर अखबार की प्रकाशित होती प्रतियों को देखा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब युवा टीवी नहीं देखते हैं। स्मार्ट फोन पर ही वे देश, दुनिया से जुड़ी खबरों को देख लेते हैं। मीडिया के समक्ष बड़ी चुनौती है कि वे सकारात्मक और गुणवात्तापरक खबरें प्रस्तुत करें।
खबरें सकारात्मक होंगी तो बहुत सारे लोगों के जीवन में परिवर्तन ला सकती हैं। अब यह तय करना पड़ेगा कि निर्माण को चुनना है कि विध्वंस को। निर्माण से ही कोई भी जीवित रह सकता है चाहे वह मीडिया ही क्यों न हो? मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी सरकार ने डिजिटिलाइशेन के महत्व को समझते हुए ई-ऑफिस की शुरूआत की। आने वाले समय में डिजिटल माध्यम का और ज्यादा उपयोग किया जाएगा।
खास बातें
- मैं मानता हूं कि पूरी व्यवस्था पेपरलैस होगी, डिजिटलीकरण होगा।
- ढाई वर्ष के दौरान यूपी में इस दिशा में बेहतरीन कदम उठाए गए।
- सबसे पहली शुरुआत ई ऑफिस से हुई। हमारे लेखपाल के पास भी स्मार्टफोन है।
- हमने उसे आई पैड उपलब्ध कराए हैं, प्रक्रिया के साथ जोड़ा है।
- आंगनवाड़ी वर्कर को भी स्मार्टफोन दिए हैं। शासन के सभी ऑफिस को ई ऑफिस से जोड़ा है।
- हम पूरी व्यवस्था को एक जगह से मॉनिटर कर सकते हैं। डीबीटी के माध्यम से सब्सिडी का भुगतान हो रहा है।
- ये सुविधा नहीं होती तो किसानों का कर्ज माफ नहीं कर पाते।
- हम इसलिए सफल रहे क्योंकि तकनीक का उपयोग किया। हमने आधार से सबको जोड़ा।
- खबरों की गुणवत्ता को, जिसके लिए अमर उजाला जाना जाता है बनाए रखें।
- आज का युवा नकारात्मकता को स्वीकार नहीं करता है।
- समाज के लिए पॉजिटिव बनना होगा।
- पॉजिटिव न्यूज देंगे तो बहुत लोगों के जीवन में परिवर्तन ला सकता है।
- नेगेटिव न्यूज बहुत लोगों के जीवन में निराशा ला सकता है।