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UP BJP New President: केशव प्रसाद मौर्य की 'सिक्स वर्ड स्टोरी' वाला ट्वीट! लोग ऐसे कर रहे डिकोड

सार

उत्तर प्रदेश की राजनीति में अचानक हलचल तेज हो गई है। दरअसल राजनीतिक विश्लेषकों की मानें, तो बहुत जल्दी उत्तर प्रदेश में नए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा हो सकती है। अभी तक के राजनैतिक गुणा-गणित की पिच पर केशव प्रसाद मौर्य प्रदेश अध्यक्ष की रेस में सबसे आगे बने हुए हैं।
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यूपी के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य ने रविवार को एक ट्वीट कर राजनीतिक गलियारों में खलबली पैदा कर दी। मौर्य ने रविवार शाम पौने छह बजे ट्वीट कर लिखा कि संगठन सरकार से बड़ा होता है। इतना लिखने के बाद बाद मौर्य ने बाकायदा अपने ट्वीट को पिन भी कर दिया। अब उनके ट्विटर अकाउंट में सबसे ऊपर यही दिख रहा है। फिलहाल "सिक्स वर्ड स्टोरी" वाले केशव प्रसाद मौर्य के इस ट्वीट को राजनीतिक गलियारों में डिकोड किया जाने लगा है। फिलहाल चर्चा यही है कि बहुत जल्द केशव प्रसाद मौर्य उत्तर प्रदेश में पार्टी अध्यक्ष बन सकते हैं। हालांकि, कुछ लोगों का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी में जिम्मेदारी पाने वाले वाला कोई भी नेता पहले से सोशल मीडिया पर ऐसे ही नहीं करता है। इसलिए मौर्य के स्ट्रीट के कोई खास मायने नहीं है।

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उत्तर प्रदेश की राजनीति में अचानक हलचल तेज हो गई है। दरअसल राजनीतिक विश्लेषकों की मानें, तो बहुत जल्दी उत्तर प्रदेश में नए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा हो सकती है। अभी तक के राजनैतिक गुणा-गणित की पिच पर केशव प्रसाद मौर्य प्रदेश अध्यक्ष की रेस में सबसे आगे बने हुए हैं। राजनैतिक विश्लेषक जीडी शुक्ला कहते हैं कि इस वक्त केशव प्रसाद मौर्य सरकार में है। वह इस वक्त उत्तर प्रदेश सरकार में बतौर उप मुख्यमंत्री अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे हैं। इसके अलावा हाल में ही उनको विधान परिषद में नेता सदन की जिम्मेदारी भी दी गई है। ऐसे दौर में उनका यह ट्वीट कि संगठन सरकार से बड़ा होता है निश्चित तौर पर उन संभावनाओं को आगे ले जाता है, जिसमें यह कहा जा रहा है कि केशव प्रसाद मौर्य उत्तर प्रदेश के नए प्रदेश अध्यक्ष होंगे।

शुक्ला कहते हैं कि केशव प्रसाद मौर्य ने जिस तरीके से अपने ट्वीट को 'पिंड ट्वीट' की कैटेगरी में शामिल किया है, उसके भी कई मायने हैं। वह कहते हैं कि मौर्य चाहते हैं कि उनका ट्वीट उनके अकाउंट पर जाने वालों को सबसे पहले दिखे। निश्चित तौर पर राजनीतिक गलियारों में इसका मतलब तो निकाला ही जा रहा है।
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राजनीतिक विश्लेषक ओपी मिश्रा मानते हैं कि केशव प्रसाद मौर्य इस वक्त उत्तर प्रदेश में जातिगत समीकरणों के अलावा संगठन में मजबूत चेहरे के तौर पर भी एक अपनी पहचान रखते हैं। इसकी प्रमुख वजह है कि उनका संगठन में पुराना नेतृत्व क्षमता वाला चेहरा ही है। केशव प्रसाद मौर्य ने जिस तरीके से पुराने चुनावों में अपने चेहरे के बलबूते एक बड़े समुदाय को जोड़कर भारतीय जनता पार्टी की जीत में योगदान दिया है, उसकी केंद्रीय नेतृत्व सराहना भी करता रहा है। यही बड़ी वजह है कि केशव प्रसाद पर दोबारा दांव लगाया जा सकता है।

भारतीय जनता पार्टी की राजनीति को करीब से समझने वाले राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि जो ट्वीट केशव प्रसाद मौर्य ने किया है, वह संगठन की ही लाइन है। यानी कि सरकार और संगठन की तुलना में संगठन हमेशा बड़ा ही होता है। उत्तर प्रदेश की राजनीति को करीब से समझने वाले एक जानकार कहते हैं कि एक बात तो बिल्कुल तय है कि उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या आज के दौर में खुद को बहुत सहज महसूस नहीं कर रहे हैं। यही वजह है कि वह संगठन में आकर न सिर्फ अपनी ताकत दिखाना चाहते हैं, बल्कि आने वाले चुनावों में अपनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी निभाना चाहते हैं। 

सूत्रों का कहना है कि पिछले हफ्ते दिल्ली में हुई मुलाकातों के दौरान इस बात का जिक्र भी हुआ था कि केशव प्रसाद मौर्या के पास कहने को तो उपमुख्यमंत्री का पद और विभाग तो है लेकिन उनके पास ऐसा कोई बड़ा पोर्टफोलियो नहीं है जैसा कि उनके ही समानांतर दूसरे उपमुख्यमंत्री के पास है। सूत्रों का कहना है कि चर्चा इस बात की भी हो रही कि जिस तरह से सुनील बंसल उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक तौर पर मजबूत स्थिति में थे ठीक उसी तरह से प्रदेश अध्यक्ष भी मजबूत स्थिति में रहे। ऐसे में तमाम नामों के बीच में केशव प्रसाद मौर्या का नाम सबसे आगे ही चल रहा है।

भारतीय जनता पार्टी और संगठन में लंबे समय तक काम करने वाले एक वरिष्ठ पदाधिकारी कहते हैं कि ऐसे ट्वीट महज संगठन की ताकत को बताने के लिए किए जाते हैं। उनका कहना है कि पार्टी अगर किसी बड़े नेता को कोई जिम्मेदारी देने की योजना बनाती भी है तो इस तरीके से जिम्मेदारी पाने वाला व्यक्ति ना तो सोशल मीडिया पर हो हल्ला करता है और ना ही किसी तरीके से उसको प्रचारित करता है। 

संगठन से जुड़े उक्त नेता का कहना है कि पार्टी के जिम्मेदारी पाने वाले नेता ऐसा अमूमन नहीं करते हैं। उनका मानना है कि केशव प्रसाद मौर्य का किया गया यह ट्वीट संगठन की लाइन को ही दर्शाता है। हालांकि, इस बात से राजनीतिक विश्लेषक जेएस तोमर बिल्कुल वास्ता नहीं रखते हैं। उनका कहना है कि केशव प्रसाद मौर्या का यह ट्वीट बिल्कुल उसी लाइन पर है जिस पर बीते कुछ दिनों से कयास लगाए जा रहे हैं। तोमर कहते हैं कि दिल्ली से लेकर लखनऊ तक चर्चा यही है कि केशव प्रसाद मौर्या को उत्तर प्रदेश का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाना है। यह बात अलग है कि जब तक घोषणा ना हो जाए तब तक इसको सिर्फ कयास ही माना जाना चाहिए।

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