'सानिध्य' सत्ता का हो और 'तैयारी' विरोध की। और तैयारी भी कोई सामान्य नेता नहीं बल्कि पार्टी का सुपर लीडर कराए तो उस तैयारी से निकलने वाला हर योद्धा मैदान में मास्टर स्ट्रोक लगाने को तैयार ही होता है। कुछ इसी अंदाज में जब कांग्रेस पार्टी की नेता प्रियंका गांधी ने जब छत्तीसगढ़ में 'सत्ता के सानिध्य' में उत्तर प्रदेश के कांग्रेसियों को यूपी में विरोधी लहर के बीच विरोध करने का मंत्र दिया था, तभी तय हो गया था कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस अपने संगठन को मजबूत करने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रही है।
कांग्रेस कार्यकर्ता अब आगामी विधानसभा चुनाव तक रोजाना न सिर्फ पैदल मार्च करेंगे बल्कि गांव-गांव और शहर-शहर में जाकर वोटर से मिलकर सत्ता पक्ष की नाकामियों की पोल भी खोलेंगे।
इसी कड़ी में अगस्त क्रांति पर कांग्रेस ने पूरे प्रदेश में हर विधानसभा स्तर पर कांग्रेस का हल्ला बोल प्रदर्शन किया। इस दौरान पूरे प्रदेश में किसानों की बदहाली, बदहाल कानून व्यवस्था और बेरोजगारी के मुद्दों पर कांग्रेस ने भाजपा से गद्दी छोड़ो मार्च का आयोजन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस दौरान हर विधानसभा में पांच किलोमीटर की पदयात्रा की। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा दो दिन की यह पदयात्रा मंगलवार को भी जारी रहेगी।
वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के मुताबिक प्रियंका गांधी ने छत्तीसगढ़ की राजधानी में जो प्रशिक्षण कांग्रेसी नेताओं को दिया था उसी के मुताबिक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अगस्त क्रांति पर यह विरोध प्रदर्शन शुरू किया। इस दौरान प्रियंका गांधी ने छत्तीसगढ़ में जो मास्टर ट्रेनर को तैयार करने की बात कही गई थी वह सारे मास्टर ट्रेनर अगस्त क्रांति मार्च में भी मौजूद रहे। योजना के मुताबिक प्रियंका गांधी को पहले चरण में सत्तर हजार से ज्यादा मास्टर ट्रेनर तैयार करने थे। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के मुताबिक यह सत्तर हजार मास्टर ट्रेनर अगले हफ्ते में तैयार हो जाएंगे और उसके बाद इनकी संख्या बढ़नी शुरू हो जाएगी।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की योजना है कि यह विरोध प्रदर्शन सिर्फ दो दिन में नहीं खत्म होने वाला। कांग्रेसी नेताओं का कहना है आने वाले विधानसभा चुनावों तक कांग्रेस का प्रत्येक कार्यकर्ता खासतौर से मास्टर ट्रेनर और उसके सात प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले कार्यकर्ता गांव में और शहर शहर में भारतीय जनता पार्टी की नाकामियों की पोल भी खोलेंगे। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में प्रियंका गांधी ने जिस तरीके से कांग्रेस कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया था और उनको विरोध में और ज्यादा मुखर होकर अपनी बात रखने की बात कही थी।