ब्रिटेन के डिजिटल, कल्चर, मीडिया व खेल विभाग ने बताया कि बाजार प्रतिस्पर्धा प्राधिकरण को मामला भेजा जा रहा है। उसे छह महीने में राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ बाजार की प्रतियोगिता पर डील से पड़े असर को भी परखने के लिए कहा गया है।
ब्रिटेन सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए सॉफ्ट बैंक समूह की चिप डिजाइनर कंपनी आर्म के एनविडिया द्वारा किए अधिग्रहण के खिलाफ जांच बैठाई है। एनविडिया ने सितंबर 2020 में 2.97 लाख करोड़ रुपए की डील के जरिए आर्म का स्मार्टफोन, टैबलेट व अन्य डिवाइस के सेमीकंडक्टर कारोबार खरीदा था।
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ब्रिटेन के डिजिटल, कल्चर, मीडिया व खेल विभाग ने बताया कि बाजार प्रतिस्पर्धा प्राधिकरण को मामला भेजा जा रहा है। उसे छह महीने में राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ बाजार की प्रतियोगिता पर डील से पड़े असर को भी परखने के लिए कहा गया है।
जनवरी में सीएमए ने इस डील पर आपत्ति जताई थी। आशंका थी कि एनविडिया के अधीन होने से एपल, सैमसंग, सोनी आदि को आर्म की चिप्स मिलने में मुश्किल आ सकती हैं। सरकार ने बयान दिया कि तकनीक के क्षेत्र में आर्म सबसे अलग काम कर रही है, इस डील का पूरी दुनिया पर असर हो सकता है।
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पूरी दुनिया में विरोध, मोबाइल फोन उत्पादन पर असर...
डील की अमेरिका, चीन, यूरोपीय संघ ने भी जांच शुरू की है। गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, चिप बनाने वाली कंपनी क्वालकॉम ने भी इसका विरोध किया था। आशंका है कि आर्म के जरिए दुनिया की सभी स्मार्टफोन व प्रमुख चिप बनाने वाली कंपनियों को सप्लाई प्रभावित हो सकती है। एनविडिया को वीडियो गेम्स के लिए ग्राफिक चिप बनाने के लिए जाना जाता है। अधिग्रहण के बाद उसे भारी फायदा हुआ, बीते एक साल में कंपनी के शेयर पांच गुना बढ़े।