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Ujjwal Nikam Interview: 'कसाब की गोली से मारे गए करकरे, ये PAK ने नहीं नकारा; पर कांग्रेस नेताओं ने पूछे सवाल'

आशीष तिवारी
Updated Fri, 10 May 2024 02:26 PM IST

सार

उज्ज्वल निकम ने कहा कि पूरा देश और पूरी दुनिया भाजपा नेता और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर देख रही है। बीते दस वर्षों में देश कहां से कहां पहुंच गया। आज दुनिया का कोई भी देश भारत को हल्के में नहीं ले रहा है।
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उज्ज्वल निकम। - फोटो : अमर उजाला


सवाल: आपको पूरा देश बतौर मशहूर वकील के तौर पर जानता और पहचानता है। लेकिन अब आपकी एक नई पहचान बतौर राजनेता की हो गई है। किस रोल में खुद को फिट पाते हैं?

जवाब: देखिए मैं मूलतः तो वकील ही हूं। मैं अपने पेशे के माध्यम से भी देश की सेवा ही कर रहा था। और अब राजनीति के माध्यम से भी देश सेवा होगी। लेकिन यह सच है कि राजनीति का दायरा देश सेवा के लिहाज से बहुत बड़ा है। आप देश की सुरक्षा से लेकर आम लोगों की जरूरतो समेत सभी मुद्दों पर मजबूती से काम कर सकते हैं। इसलिए मेरा मकसद देश सेवा का ही है। बस राजनीति में फलक बहुत बड़ा मिलता है।


सवाल: तो आप राजनीति में आने के लिए पहले से तैयार थे। या यह सब कुछ अचानक हुआ। सियासत में आने की अंदर की कहानी बताइए। आपने पहले भाजपा को अप्रोच किया या भाजपा ने आपसे संपर्क किया।

जवाब: नहीं, मैं राजनीति में आने के बारे में तो कभी सोच भी नहीं रहा था। मेरे पास अभी भी इतने बड़े-बड़े मामले हैं, जिनकी मैं कोर्ट में पैरवी कर रहा हूं। यह तो मुझे टिकट मिलने से दस दिन पहले एक फोन आया। जिसमें मुझसे राजनीति में आने और चुनाव लड़ने के बारे में पूछा गया। मैं तो हैरान था। मेरे लिए तो इस पर फैसला करना बड़ा मुश्किल था।


सवाल: फिर आपने क्या किया। उसके प्रतिउत्तर में तुरंत जवाब दिया या घर वालों से भी कोई राय मशविरा लिया था।

जवाब: अरे नहीं-नहीं...तुरंत कैसे जवाब दे सकता था। मैंने कुछ वक्त लिया। आप हैरान होंगे कि जब मैंने अपने घर में यह बात बताई, तो हमारे घर में ही सबसे पहला मतदान हुआ। मतदान इस बात को लेकर कि मुझे सियासत में जाना चाहिए या नहीं। लेकिन उस मतदान में तय यही हुआ कि राजनीति में जाकर देश की सेवा करना बेहतर है। फिर जो मैंने कभी नहीं सोचा था वह हो गया। मैं सियासत में आ गया।


सवाल: तो भाजपा की ओर से ऑफर आना, फिर आपका सियासत में जाना। क्या देखा आपने भाजपा में?

जवाब: मैंने क्या देखा यह प्रश्न ही नहीं है। पूरा देश और पूरी दुनिया भाजपा नेता और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर देख रही है। बीते दस वर्षों में देश कहां से कहां पहुंच गया। आज दुनिया का कोई भी देश भारत को हल्के में नहीं ले रहा है। पुलवामा अटैक के बाद जब पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक हुई, तो पूरी दुनिया ने देखा। देश को ऊंचाई पर ले जाने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ जुड़कर देश सेवा करने से बेहतर और क्या हो सकता है। मेरे लिए देश की सेवा करने के लिए यह अच्छा माध्यम है।
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सवाल: आपने अभी बताया कि आपके पास अभी भी इतने मामले हैं, जिनकी आप कोर्ट में आप कर रहे हैं। सियासत तो फुल टाइम जॉब है। कैसे मैनेज होगी वकालत और सियासत। क्या चल रहे मामलों में कोई रुकावट आएगी?

जवाब: देखिए कानूनी तौर पर तो कोई रुकावट जैसी बात बिल्कुल नहीं है। लेकिन प्रैक्टिकल तौर पर कितना मुमकिन होगा और कितना नामुमकिन होगा। यह मुझे जरूर सोचना होगा। मुझे ऐसा लगता है कि सक्रिय रूप से राजनीति में आने पर मुझे बहुत सिलेक्टिव केस ही लेने होंगे। 


सवाल: आप जिस लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं, वहां पर पूनम महाजन का टिकट काटकर आपको मैदान में उतारा गया है। सुनने में आया है कि अभी आपको वर्तमान सांसद का उतना सपोर्ट नहीं मिल रहा है।

जवाब: पूनम महाजन के पिता प्रमोद महाजन की हत्या का केस मैंने ही लड़ा था। इसलिए मैं पूनम महाजन को बहुत अच्छी तरीके से जानता हूं। उनको जो कहना होता है, वह खुलकर बोलती हैं। मेरी उनसे बात हो चुकी है। उन्होंने मुझे आश्वासन दिया है कि वह जल्द ही प्रचार के लिए आएंगी। यह बात भी बिल्कुल सच है कि जिसने दस साल तक एक लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया है, तो उसे थोड़ा बुरा तो लगता ही है। यह स्वाभाविक भी है। मुझे लगता है कि पूनम महाजन का टिकट कटने का दुःख खत्म हो जाएगा और वह जल्दी हमारे साथ शामिल हो जाएंगी।


सवाल: कांग्रेस के नेता ने आप पर बहुत बड़ा आरोप लगा दिया। उन्होंने कहा कि 26/11 हमले में शहीद हुए करकरे की हत्या अजमल कसाब की गोली से नहीं, बल्कि एक सिपाही की चली बंदूक से हुई। उज्जवल निकम ने इसे छिपा दिया।

जवाब: हां, यह बात कांग्रेस के नेता विपक्ष ने कही। उन्होंने यह कहा कि करकरे की मौत अजमल कसाब की गोली से नहीं, बल्कि आरएसएस समर्थित एक पुलिस वाले की गोली से हुई। यह तथ्य उज्जवल निकम ने छुपा लिए। कांग्रेस के नेता विपक्ष ने मुझे देशद्रोही करार दे दिया। जब मैंने यह सुना, तो मुझे बड़ा दुख हुआ। आप विश्वास नहीं करेंगे मैंने उस रात खाना नहीं खाया। सोचता रहा कि यह कैसे हो गया कि मैं राजनीति मैं आया और मुझे देशद्रोही करार दिया जाने लगा।


सवाल: आपने 26/11 मामले में सरकार का पक्ष रखा था। क्या इस मामले में हो रही गवाहियों में कभी इस तरह की बात सामने आई थीं?

जवाब: बिल्कुल नहीं। अरे पाकिस्तान ने भी इस बात को कभी नहीं नकारा कि अजमल कसाब की गोली से करकरे की मौत नहीं हुई। लेकिन यह कांग्रेस के नेता पाकिस्तान की भाषा बोलते हुए कह रहे हैं कि कसाब की गोली से करकरे की मौत नहीं हुई। कांग्रेस को तो पूरे देश के सामने हाथ जोड़कर माफी मांगनी चहिए।


सवाल: लेकिन कांग्रेस के नेता ने एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी की किताब का जिक्र करके ऐसा बोला था। वह अधिकारी तो आपकी टीम में रहे होंगे। 

जवाब: यही तो सबसे बड़ी बात है। जिस रिटायर्ड अधिकारी की किताब का जिक्र करके मेरे ऊपर बेसिर पैर के आरोप लगाए गए उसे रिटायर्ड अधिकारी का 26/11 से कोई लेना-देना ही नहीं है। वह न तो जांच टीम का हिस्सा था। उसका इस मामले से दूर-दूर तक कोई रिश्ता नहीं था। वह तो पुणे में बैठा हुआ था और कुछ भी लिखता है। अब आप देखिए इस मामले में कांग्रेस ने अपना पल्ला झाड़ लिया। क्योंकि उनको पता था उनके नेता का यह बयान देश के खिलाफ है। कितनी जानें गई थीं 26/11 में। कांग्रेस अगर संवेदनशील होती, तो उनके नेता ऐसी देश विरोधी बातें कभी नहीं करते।


सवाल: आप तो कांग्रेस के जमाने में भी प्रॉसिक्यूटर थे। शिवसेना और भाजपा की सरकार थी, तब भी आप इसी रोल में थे। क्या आपके लिए इस तरह की बात कभी पहले भी उठी थी? 

जवाब: कभी नहीं। मतलब ही नहीं होता। यही बात तो सोचने वाली है। मेरे पूरे 45 साल के करियर पर सिर्फ इसलिए सवाल उठा दिया गया क्योंकि मैं राजनीति में आ गया। मैं तो कांग्रेस, शिवसेना और भाजपा की सरकारों में भी प्रॉसिक्यूटर ही था। लेकिन बाद में एहसास यही हुआ कि उनके खेमे में मेरे चुनाव लड़ने से घबराहट शुरू हो गई। इसलिए बेसिर पैर के आरोप लगाए जाने लगे। 


सवाल: एक आखिरी सवाल। मुंबई की सभी छह सीटों पर परिणाम किस नजरिए से देखते हैं?

जवाब: महाराष्ट्र में हर सीट पर नरेंद्र मोदी जी चुनाव लड़ रहे हैं। मुंबई में तो हम सभी सीटें जीत ही रहे हैं। बल्कि महाराष्ट्र में भी इस बार सबसे ज्यादा सीटें भाजपा और हमारे सहयोगियों की आने वाली हैं।
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