संसद की सुरक्षा में चूक मामले पर विपक्ष जमकर हंगामा कर रहा हैं। सदनों में कार्यवाही के दौरान विपक्षियों के हंगामे और व्यवधान डालने के आरोप में विपक्षी सांसदों को शेष शीतकालीन सत्र से निलंबित कर दिया गया हैं। बीते गुरुवार से सासंदों को निलंबन करने की कार्रवाई जारी हैं। अब तक 143 सांसदों को शेष शीतकालीन सत्र की कार्यवाही से निलंबित कर दिया गया है। बुधवार को एक बार फिर सांसदों को निलंबित किया गया है। लोकसभा कार्यवाही के दौरान तख्तियां दिखाने के आरोप में विपक्ष के सांसद सी थॉमस और ए एम आरिफ को निलंबित किया गया हैं।
शीतकालीन सत्र में अबतक 143 सांसद निलंबित
13 दिसंबर को संसद की सुरक्षा में चूक की घटना के बाद से ही विपक्ष आक्रमक दिखाई दे रहा है, जिसको लेकर कार्यवाही के दौरान विपक्ष जमकर हंगामा कर रहा है। विपक्ष की मांग है कि सुरक्षा की चूक मामले में सदन में चर्चा की जाए। अब तक 143 सांसद शेष शीतकालीन सत्र के लिए निलंबित किए जा चुके हैं। बुधवार को लोकसभा में हंगामा करने और तख्तियां दिखाने के आरोप में विपक्षी सांसद सी थॉमस और सांसद ए एम आरिफ को निलंबित सांसदों की सूची में डाल दिया गया है। पिछले हफ्ते गुरुवार को लोकसभा के 13 सांसद और राज्यसभा से एक सांसद को निलंबित किया गया था। वहीं, सोमवार को लोकसभा से 33 और राज्यसभा से 45 सासंदों को निलंबित किया गया थे। मंगलवार को लोकसभा के 49 सांसदों पर कार्रवाई की गई थे। बुधवार को लोकसभा की कार्यवाही के दौरान दो अन्य सांसद को निलंबित किया गया हैं।
बता दें मंगलवार को लोकसभा सचिवालय ने एक सर्कुलर जारी करते हुए कहा कि निलंबित सांसदों को सदन में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। बुधवार को निलंबित विपक्षी सांसद लगातार संसद परिसर में केंद्र के खिलाफ हंगामा कर रहे हैं। गांधी प्रतिमा के सामने विपक्षी सांसदों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई विपक्षी दलों के सांसद मौजूद थे।
राज्यसभा में भी तीखी बहस
दूसरी ओर निलंबन की कार्रवाई प राज्यसभा सांसद जया बच्चन ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि डिसमिस करने या न करने के फैसले का आधार क्या है? कैसे तय हो रहा है कि इन्हें निलंबित करना है और इन्हें नहीं? हम आपको सर-सर बोल रहे हैं, लेकिन आप जवाब नहीं दे रहे हैं। तो क्या अब मैं आपको मैडम बोलूं? इस पर राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि आज का दिन मेरे लिए बहुत कष्टदायक रहा है। संसद के अंदर और बाहर भी। मैं अपनी पीड़ा जता भी नहीं कर पा रहा हूं।