देश में टूलकिट मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जहां इस मामले पर एक ओर कांग्रेस और भाजपा आपने सामने हैं। वहीं भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा के एक ट्वीट को ‘मैनिपुलेटेड मीडिया’ बताने के लिए दिल्ली पुलिस ने ट्विटर को नोटिस जारी किया है। इससे पहले, केंद्र सरकार ट्विटर के इस कदम पर आपत्ति जताई थी। साथ ही चेतावनी दी थी कि वह जांच प्रक्रिया में बाधा न डाले।
भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने टूलकिट को लेकर एक ट्वीट किया, जिसे ट्विटर ने इस ट्वीट को 'मैनिपुलेटेड मीडिया' बताया था। इस पर कार्रवाई करते हुए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने ट्विटर को नोटिस भेजा है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने ट्विटर से पूछा कि ऐसे क्या तथ्य हैं कंपनी के पास, जिसके आधार पर उसने टूलकिट को लेकर किए गए ट्वीट को 'मैनिपुलेटेड मीडिया' बताया।
संबित पात्रा ने केंद्र सरकार के कोरोना प्रयासों को बदनाम करने के लिए कांग्रेस पर 'टूलकिट' का सहारा लेने का दावा किया, लेकिन ट्विटर ने संबित के इस ट्वीट को ही ‘मैनिपुलेटेड मीडिया’ बता दिया। इसके बाद केंद्र सरकार ने इस आपत्ति जताई।
सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार ने ट्विटर से ‘मैनिपुलेटेड मीडिया’ टैग को हटाने के लिए कहा है क्योंकि मामला कानून प्रवर्तन एजेंसी के सामने लंबित है। केंद्र ने कहा कि कंटेन्ट की सत्यता की जांच एजेंसी करेगी न कि ट्विटर। इसीलिए ट्विटर से जांच प्रक्रिया में दखल न देने को कहा गया है।
केंद्र सरकार ने कहा कि ट्विटर अपना फैसला नहीं सुना सकता। जबकि मामले की जांच चल रही है। मंत्रालय ने ट्विटर को भेजे अपने संदेश में कहा है कि संबंधित पक्षों में से एक ने कानून प्रवर्तन एजेंसी के सामने टूलकिट की सत्यता पर सवाल उठाते हुए शिकायत की है और इसकी जांच की जा रही है।
बता दें कि कोरोना संकट के बीच संबित पात्रा द्वारा 18 मई को एक ट्वीट किया गया था, जिसमें उन्होंने एक टूलकिट का हवाला देते हुए कांग्रेस पर आरोप लगाया था। पात्रा ने कहा था कि कांग्रेस सरकार को बदनाम करने के लिए टूलकिट का प्रयोग कर रही है। ट्विटर ने इस ट्वीट को ‘मैनिपुलेटेड मीडिया’ बताया और कहा कि ये दावा तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है।