गौरतलब है कि नीरज के रिकॉर्ड को देखते हुए हर किसी को उनसे स्वर्ण पदक की उम्मीद बंधी हुई थी। उन्होंने 87.58 मीटर तक भाला फेंककर इसे हकीकत का जामा भी पहना दिया। हालांकि, चेक रिपब्लिक के जे. वदलेच ने अपने भाले को 86.67 मीटर तक पहुंचाया तो हर भारतीय की सांसें अटक-सी गईं। जब वदलेच अपने आखिरी प्रयास में कुछ खास नहीं कर पाए तो भारत में जश्न शुरू हो गया। वहीं, नीरज के स्वर्ण जीतते ही भारत ने 65वें से 47वें स्थान पर कब्जा जमा लिया।
अहम बात यह है कि टोक्यो ओलंपिक की मेडल टैली में एक वक्त पर भारत दूसरे पायदान पर भी था। दरअसल, हुआ यूं था कि मीराबाई चानू ने टूर्नामेंट के दूसरे ही दिन सिल्वर मेडल जीत लिया था, जिससे भारत मेडल टैली में दूसरे पायदान पर पहुंच गया था। उस वक्त सिर्फ चीन एक गोल्ड मेडल के साथ टॉप पर था और इस टैली के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर भी काफी वायरल हुए थे।