ओडिशा के प्रसिद्ध श्री जगन्नाथ मंदिर में हेरिटेज कॉरिडोर परियोजना के लिए चल रहे काम के कारण मंदिर के तीन द्वार बंद हैं। वहीं शुक्रवार को मंदिर में भारी भीड़ के कारण 10 श्रद्धालु बेहोश भी हो गए थे। वहीं, कुप्रबंधन को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार और मंदिर प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। राज्य कांग्रेस इकाई ने इसके विरोध में ओडिशा में 'तुलसी यात्रा' की घोषणा की है। वहीं, दूसरी ओर एकनाश शिंदे गुट के नेता नरेश म्हस्के ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी अविभाजित शिवसेना के उन कार्यालयों पर कब्जा कर लेगी, जहां अवैध गतिविधियां चल रही हैं।
ओडिशा में कांग्रेस निकालेगी तुलसी यात्रा
ओडिशा में पुरी मंदिर में 'कुप्रबंधन' के विरोध में कांग्रेस ने 'तुलसी यात्रा' की घोषणा की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शरत पटनायक ने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को मंदिर में भारी भीड़ के कारण 10 श्रद्धालुओं के बेहोश हो जाने के बाद यह निर्णय लिया गया है। इस यात्रा में राज्य के 314 ब्लॉकों में घरों से तुलसी के पत्ते एकत्र किए जाएंगे और पुरी में भगवान जगन्नाथ को चढ़ाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि 12वीं सदी के मंदिर में कथित कुप्रबंधन पर उनका यह विरोध होगा। इस 'यात्रा' की तारीख जल्द ही तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगे और इसमें सभी क्षेत्रों के लोगों को लाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस समय 'कार्तिक' का पवित्र महीना चल रहा है। इस महीने में बड़ी संख्या में लोग मंदिर आते हैं। लेकिन उन्हें यहां कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल, प्रशासन ने चार में से तीन द्वार बंद कर दिए हैं और केवल सिंह द्वार से प्रवेश की अनुमति दी जा रही है। ऐसे में मंदिर में भारी भीड़ के कारण भगदड़ की भी आशंका बनी रहती है। उन्होंने कहा कि भगदड़ जैसी बड़ी दुर्घटनाओं से बचने के लिए सभी द्वार खोलने की हमारी मांग हैं। पटनायक ने यह भी कहा कि कार्तिक के आखिरी पांच दिनों 'पंचुका' के दौरान अधिक श्रद्धालु मंदिर में आएंगे।