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WB: भारत जोड़ो न्याय यात्रा में शामिल होने पर TMC का रुख स्पष्ट नहीं, कहा- कांग्रेस ने नहीं दिया निमंत्रण

Fri, 19 Jan 2024 03:46 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

राज्य में वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रदीप भट्टाचार्य ने कहा कि टीएमसी को इस कार्यक्रम में शामिल होना चाहिए, क्योंकि इससे इंडिया गठबंधन के पक्ष में एक सकारात्मक संदेश जाएगा।
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ममता बनर्जी, भारत जोड़ो न्याय यात्रा - फोटो : Social Media
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विस्तार
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राहुल गांधी की 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' असम के बाद 25 जनवरी को पश्चिम बंगाल पहुंचेगी। राहुल की इस यात्रा में तृणमूल कांग्रेस के शामिल होने की पुष्टि अभी तक नहीं की गई है। दरअसल, इंडिया गठबंधन में सीट बंटवारे की खींचतान के बीच टीएमसी अपना रुख स्पष्ट नहीं कर पाई है। 
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मौजूदा समय में भारत जोड़ो न्याय यात्रा असम में जारी है। 25 जनवरी को यह बंगाल पहुंचेगी। 27 जनवरी को बिहार जाने से पहले यह यात्रा जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, उत्तर दिनाजपुर और दार्जिलिंग से होकर गुजरेगी। 31 जनवरी को बंगाल से रवाना होने से पहले राहुल मालदा और मुर्शिदाबाद की यात्रा करेंगे। बता दें कि इन दोनों स्थानों पर ही कांग्रेस की मजबूत पकड़ है। 

टीएमसी को नहीं मिला औपचारिक निमंत्रण
भारत जोड़ो न्याय यात्रा से जुड़ने के सवाल पर एक वरिष्ठ टीएमसी नेता ने कहा, 'इस मार्च में हिस्सा लेने पर फैसला होना अभी बाकी है। कांग्रेस की तरफ से कोई औपचारिक निमंत्रण भी नहीं मिला है। जैसे ही हमें निमंत्रण मिलेगा हम अपने निर्णय की घोषणा करेंगे।'
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मुर्शिदाबाद में टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी आज शाम को संगठनात्मक बैठक के दौरान इस मामले पर अपनी राय दे सकती है। ममता बनर्जी समेत कई टीएमसी नेताओं ने कहा है कि बंगाल में केवल उनकी पार्टी ही भाजपा से मुकाबला कर रही है। पार्टी प्रवक्ता कुंतल घोष ने कहा, 'यह ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस ही है, जिसने 2021 में बंगाल में साबित कर दिया कि भाजपा को हराया जा सकता है।'

कांग्रेस नेता ने दी प्रतिक्रिया
राज्य में वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रदीप भट्टाचार्य ने कहा कि टीएमसी को इस कार्यक्रम में शामिल होना चाहिए, क्योंकि इससे इंडिया गठबंधन के पक्ष में एक सकारात्मक संदेश जाएगा। उन्होंने कहा,'अब टीएमसी को तय करना चाहिए कि उन्हें क्या करना है।'

बता दें कि टीएमसी और कांग्रेस अभी तक पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव के लिए सीट-बंटवारा समझौते के करीब नहीं पहुंच पाई है। पिछले लोकसभा चुनाव में राज्य में टीएमसी ने 22 सीटें हासिल की थीं, कांग्रेस ने दो और भाजपा के हिस्से में 18 सीटें आई थीं ।
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