नारद डॉट कॉम के स्टिंग ऑपरेशन में रिश्वत लेते कैमरे में कैद हुए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसदों की मुश्किलें बढ़ सकती है। सरकार ने संसद की गरिमा का हवाला देते हुए इस घटना पर गंभीर चिंता जाहिर की। सरकार ने कहा कि वह इसकी जांच के लिए तैयार है। यह स्पीकर को तय करना है कि निष्पक्ष जांच के लिए कौन सा रास्ता अपनाया जाए।
हालांकि इससे पहले माकपा, कांग्रेस और भाजपा ने अलग-अलग इसकी जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति गठित करने या मामले को लोकसभा के एथिक्स कमेटी को भेजने की मांग की। इस मुद्दे पर हुए भारी हंगामे के बीच तृणमूल कांग्रेस, माकपा और कांग्रेस ने एक दूसरे को चोर और हत्यारा बताया।
तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक विरोधियों ने राज्य की ममता सरकार को बदनाम करने के लिए स्टिंग ऑपरेशन के जरिये साजिश रची है।
नोंकझोंक के दौरान तृणमूल और माकपा ने एक दूसरे को बताया चोर-हत्यारा
वेंकैया नायडु
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इस मुद्दे पर तीखी नोकझोंक के बीच संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा कि वह नहीं जानते कि स्टिंग का सच क्या है। मगर जो दिखाया जा रहा है और जिस तरह के आरोप सांसदों पर लगे हैं, उससे संसद और सांसदों की गरिमा को ठेस पहुंची है।
उन्होंने ऑपरेशन दुर्योधन और ऑपरेशन चक्रव्यूह में इसी तरह रिश्वत लेते कैमरे में कैद हुए सांसदों के खिलाफ कार्रवाई की याद दिलाते हुए कहा कि गरिमा की रक्षा और सच को सामने लाने के लिए जांच जरूरी है। प्रश्नकाल के तत्काल बाद माकपा के मोहम्मद सलीम ने इस घटना को संसदीय लोकतंत्र और संसद पर कुठाराघात बताया। उन्होंने कहा कि तृणमूल के कई सांसद रिश्वत लेते कैमरे में कैद हुए हैं।
इसकी जांच के लिए या तो जेपीसी का गठन हो या फिर इसे एथिक्स कमेटी को भेजा जाए। भाजपा के एसएस अहलूवालिया और कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी ने भी इसी आशय की मांग की। इसी दौरान जब तृणमूल के सौगत राय अपनी बात रख रहे थे, तब उनकी सलीम से चौधरी से तीखी नोंकझोंक शुरू हो गई।
इसके बाद दोनों ही पक्ष ने एक दूसरे को चोर और हत्यारा बताया। राय ने कहा कि चूंकि राज्य में विधानसभा चुनाव होने हैं, इसलिए विरोधी दलों ने पार्टी के खिलाफ सियासी साजिश के तहत सरकार को बदनाम करने की कोशिश की है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने दिया निष्पक्ष चुनाव का भरोसा
नसीम जैदी
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मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने मंगलवार को तमाम राजनीतिक दलों को अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनावों के मुक्त व निष्पक्ष होने का भरोसा दिया है। विपक्षी दलों ने आयोग के साथ बैठक के दौरान उस स्टिंग ऑपरेशन के जांच की भी मांग उठाई, जिसमें तृणमूल कांग्रेस के कुछ नेताओं को पैसे लेते दिखाया गया है।
माकपा नेता रबीन देव ने बताया कि पार्टी ने स्टिंग में नजर आने वाले तृणमूल नेताओं के खिलाफ संवैधानिक प्रावधानों के तहत कार्रवाई का अनुरोध किया है। उनके मुताबिक मुख्य चुनाव आयुक्त ने इस मामले को देखने का भरोसा दिया है।
माकपा ने चुनावों से पहले सत्तारुढ़ दल की ओर से हटाए गए कुछ अधिकारियों को उनके पुराने पदों पर बहाल करने और चुनावी आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले पोस्टरों व बैनरों को हटाने की भी मांग की है। आयोग की टीम के साथ बैठक में कांग्रेस नेताओं ने भी यही मांग उठाई।