लोकसभा चुनाव होने में अब एक महीने से भी कम का समय रह गया है। सात चरण में होने वाले आम चुनाव के लिए 19 अप्रैल से मतदान शुरू होगा। इस बीच, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेताओं ने सत्तारूढ़ भाजपा द्वारा केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए सोमवार को चुनाव आयोग का रुख किया और उसके हस्तक्षेप की मांग की। बताया जा रहा है कि उन्होंने चुनाव आयोग कार्यालय को एक ज्ञापन सौंपा है। साथ ही अपनी समस्याओं को रखने के लिए समय मांगा है।
तृणमूल कांग्रेस के नेता सोमवार को मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों से मुलाकात कर उनकी चिंताओं से अवगत कराएंगे।
हालात आयोग के नियंत्रण में
टीएमसी नेता शशि पांजा ने पत्रकारों से कहा, 'हमने चुनाव आयोग को एक ज्ञापन सौंपा है। हमें आयोग बातचीत के लिए सोमवार का समय देगा। हम आयोग के साथ लंबी बातचीत करेंगे और अपनी समस्याओं को सामने रखेंगे। चुनाव से पहले झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जिस तरह से गिरफ्तार किया गया है, उससे तृणमूल कार्यकर्ता बहुत परेशान हैं। अब आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) की घोषणा की गई है। हालात आयोग के नियंत्रण में है, फिर भी दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया गया है।'
उन्होंने कहा, 'उनका लक्ष्य पश्चिम बंगाल है। वे महुआ मोइत्रा तक पहुंच गए हैं और प्रचार कर रहे टीएमसी उम्मीदवारों को परेशान कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल सरकार से जुड़े लोगों को परेशान किया जा रहा है। केंद्रीय जांच एजेंसियां भेदभावपूर्ण दृष्टिकोण अपना रही हैं।'
हम भी चाहते हैं कि निष्पक्ष चुनाव हो
टीएमसी नेता शशि पांजा ने कहा, 'हम लोग बहुत विचलित और चिंतित हैं क्योंकि चुनाव आयोग के हाथ में पूरी शक्ति है और हम चाहते हैं कि वे अपनी शक्ति का इस्तेमाल करें क्योंकि पश्चिम बंगाल में जिसकी शक्ति अधिक चल रही है वो है केंद्र सरकार। केंद्र सरकार आदेश देती है और सीबीआई, ईडी, आई और एनआईए जैसी संस्थाएं इस समय हमारे कार्यकर्ताओं और उम्मीदवारों को बुला रही हैं जब निर्वाचन की प्रक्रिया चल रही है और हमारे कार्यकर्ता व्यस्त हैं। हम भी चाहते हैं कि निष्पक्ष चुनाव हो, लेकिन हमेशा टीएमसी को टारगेट किया जा रहा है। सभी राजनीतिक दलों का अधिकार है कि वे निर्वाचन के लिए प्रचार करें।'
बता दें, चुनाव आयोग के कार्यालय पर पहुंचे लोगों में डेरेक ओ ब्रायन, सांसद डोला सेन, साकेत गोखले और सागरिका घोष शामिल हैं। वहीं, तृणमूल कांग्रेस दिल्ली के मुख्यमंत्री की गिरफ्तारी के खिलाफ रामलीला मैदान में विपक्षी दलों द्वारा 31 मार्च को आयोजित रैली में भी शामिल होगी। ओ'ब्रायन और घोष विरोध रैली में पार्टी का प्रतिनिधित्व करेंगे।