पश्चिम बंगाल में टीएमसी और भाजपा के बीच घमासान चलता ही रहता है। अब तृणमूल कांग्रेस विधायक दल ने गुरुवार को बंगाल में प्रमुख विपक्षी दल भाजपा के खिलाफ सदन में सात मार्च को हुई गड़बड़ी को लेकर पेश प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित कर दिया। यह प्रस्ताव सदन की कार्यवाही के दूसरे दिन राज्य के संसदीय कार्य मंत्री पार्थ चटर्जी द्वारा नियम 185 के तहत प्रस्ताव पेश किया गया।
जब सदन में यह प्रस्ताव लाया जा रहा था तो भाजपा विधायकों ने कार्यवाही का बहिष्कार किया क्योंकि उन्होंने पार्टी के दो विधायकों के खिलाफ निलंबन आदेश को रद्द करने की मांग की और उसे लेकर बाहर धरना भी दिया।
बजट सत्र के पहले दिन हाई ड्रामा
पश्चिम बंगाल विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन हाई ड्रामा देखा गया। बुधवार को राज्यपाल जगदीप धनखड़ के सोमवार के भाषण के दौरान सदन में हंगामा करने के लिए भाजपा के दो सांसदों सुदीप मुखोपाध्याय और मिहिर गोस्वामी को राज्य के बजट सत्र से निलंबित कर दिया गया।
जब भी सदन में मुख्यमंत्री होती हैं , वे हंगामा करते हैं
संसदीय कार्य मंत्री ने प्रस्ताव पर बोलते हुए कहा कि हम भी वाम मोर्चा शासन के दौरान विपक्ष में रहे हैं। इस तरह की गड़बड़ी अनावश्यक है। वे (भाजपा विधायक) कभी भी चर्चा में भाग नहीं लेते हैं। और जब भी सदन में मुख्यमंत्री होती हैं , वे हंगामा करते हैं।
पत्रकारों से बात करते हुए भाजपा नेता मनोज तिग्गा ने भाजपा के दो विधायकों को निलंबित करने के लिए टीएमसी द्वारा अपनाई गई "अलोकतांत्रिक प्रक्रिया" के लिए उसकी आलोचना की।