बता दें कि अभिषेक और उनकी पत्नी रुजिरा बनर्जी को ईडी की ओर से कोल ब्लॉक आवंटन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के कथित आरोपों को लेकर समन जारी किया गया था। रुजिरा बनर्जी को एक सितंबर को दिल्ली स्थिति ईडी कार्यालय में पूछताछ के लिए पेश होना था। हालांकि, रुजिरा ने यह कहते हुए दिल्ली आने से मना कर दिया था कि उनके दो छोटे बच्चे हैं, जिनके साथ कोरोना के समय में दिल्ली का सफर करना खतरे से खाली नहीं है। इसलिए, उनसे कोलकाता में ही पूछताछ की जाए। वहीं, अभिषेक को छह सितंबर को पूछताछ के लिए पेश होने को कहा गया था।
निदेशालय ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की नवंबर, 2020 की एक प्राथमिकी का अध्ययन करने के बाद पीएमएलए की आपराधिक धाराओं के तहत यह मामला दर्ज किया था। सीबीआई की प्राथमिकी में आसनसोल और उसके आसपास कुनुस्तोरिया और कजोरा इलाकों में ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की खदानों से संबंधित करोड़ों रुपये के कोयला चोरी घोटाले का आरोप लगाया गया है।
इस मामले में अनूप माझी उर्फ लाला मुख्य संदिग्ध है। ईडी ने पहले दावा किया था कि अभिषेक बनर्जी इस अवैध व्यापार से प्राप्त धन के लाभार्थी हैं, जबकि उन्होंने सभी आरोपों से इनकार किया है।