राज्यसभा में भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अद्वितीय हैं और उनकी तुलना प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू से नहीं की जा सकती। मोदी को पार्टी का नेतृत्व करने के लिए सर्वसम्मति से चुना गया है, जबकि कांग्रेस नेता को महात्मा गांधी के प्रयास के बावजूद शून्य वोट मिले थे। राज्यसभा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के लिए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा शुरू करते हुए त्रिवेदी ने विपक्ष के उस दावे का जवाब दिया कि मोदी नेहरू की उपलब्धि की बराबरी नहीं कर सकते। उन्होंने कहा, देश के सामने आने वाले मुद्दों से निपटने के मोदी के दृष्टिकोण और प्रथम प्रधानमंत्री के अपनाए दृष्टिकोण में बहुत अंतर है। विपक्ष यह दावा करता रहता है कि नेहरू की तुलना मोदी से नहीं की जा सकती। मेरा भी मानना है कि कोई तुलना नहीं हो सकती।
नेहरू जवाहरात के तो मोदी गुदड़ी के लाल
सुधांशु ने कहा, नेहरू संपन्न पृष्ठभूमि से आए थे, जबकि मोदी बहुत साधारण परिवार से हैं। वो जवाहरात के लाल थे और मोदी गुदड़ी के लाल। नेहरू ने आलोचना करने वालों को जेल भेजा, जबकि मोदी ने अपने आलोचकों पर कोई कार्रवाई नहीं की। नेहरू ने खुद को भारत रत्न दिया, जबकि मोदी ने तीन कांग्रेस नेताओं समेत पार्टीलाइन से परे लोगों को सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित किया है।
कांग्रेस के समय संविधान खतरे में रहा : संविधान संरक्षण के कांग्रेस के दावे पर त्रिवेदी ने कहा, कांग्रेस के सत्ता में रहते संविधान खतरे में रहा । उन्होंने कहा, कांग्रेस सरकार ने संविधान की प्रस्तावना को बदल दिया है। विपक्ष की राज्य सरकारों को बर्खास्त करने के लिए संविधान के प्रावधानों का दुरुपयोग किया है।