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'राष्ट्र विरोधी' शब्द: सरकार ने कहा- आपातकाल के दौरान इसे संविधान में जोड़ा पर एक साल बाद हटा दिया गया, ओवैसी ने पूछा था सवाल

Tue, 21 Dec 2021 11:03 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ओवैसी ने सवाल किया था कि क्या सरकार ने कानून, नियमों या अन्य प्रावधानों के अंतर्गत 'राष्ट्र विरोधी' शब्द को परिभाषित किया है? इस पर केंद्रीय मंत्री राय ने कहा कि इस शब्द को कानून में परिभाषित नहीं किया गया है।
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केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय - फोटो : Rajya sabha
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विस्तार
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मंगलवार को लोकसभा में 'राष्ट्र विरोधी' शब्द, उसकी परिभाषा व इस्तेमाल को लेकर सवाल उठा। एआईएमआईएम के प्रमुख व सांसद असद्दीन ओवैसी ने इसे लेकर सवाल किया था। जवाब में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने लिखित जवाब में कहा कि कानून के अंतर्गत 'राष्ट्र विरोधी' शब्द को परिभाषित नहीं किया गया है। इस शब्द को आपातकाल के दौरान पहली बार वर्ष 1976 में संविधान में शामिल किया गया और एक साल बाद हटा भी दिया गया। 

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ओवैसी ने सवाल किया था कि क्या सरकार ने कानून, नियमों या अन्य प्रावधानों के अंतर्गत 'राष्ट्र विरोधी' शब्द को परिभाषित किया है? इस पर केंद्रीय मंत्री राय ने कहा कि इस शब्द को कानून में परिभाषित नहीं किया गया है। ओवैसी ने यह भी पूछा था कि क्या सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्र विरोधी गतिविधियों से संबंधित अपराधों से निपटने के लिए कोई दिशानिर्देश तय किए हैं? 

गृहराज्यमंत्री राय ने कहा कि राष्ट्र विरोधी शब्द को कानून में परिभाषित नहीं किया गया है। देश की एकता और अखंडता को नुकसान पहुंचाने और गैरकानूनी और विध्वंसक गतिविधियों से निपटने के लिए आपराधिक कानून व न्यायिक व्यवस्था हैं।
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उन्होंने कहा कि संविधान के 42वें संशोधन 1976 के तहत इस शब्द का उल्लेख किया गया था और आपातकाल के दौरान अनुच्छेद 31 डी के तहत 'राष्ट्र विरोधी गतिविधि' को परिभाषित किया गया। लेकिन इसके बाद संविधान के 43वें संशोधन 1977 के तहत इस अनुच्छेद 31डी को हटा दिया गया।

आंध्र के 18 एनजीओ के खिलाफ धर्मांतरण की शिकायत
केंद्रीय मंत्री राय ने लोकसभा को बताया कि आंध्र प्रदेश के 18 गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) के खिलाफ लोगों को प्रलोभन देकर कथित तौर पर ईसाई बनाने की मुहिम चलाने की शिकायतें मिली हैं। ये एनजीओ वर्ष 2018 से ऐसा कर रहे हैं।

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