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कृषि कानून की वापसी: सोनिया गांधी बोलीं- मोदी सरकार ने भविष्य के लिए जरूर कुछ सबक सीखा होगा

Fri, 19 Nov 2021 05:29 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सोनिया गांधी ने कहा कि लोकतंत्र में कोई भी फैसला सभी पक्षों से बातचीत और विपक्ष के साथ विचार-विमर्श के बाद लिया जाना चाहिए।
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सोनिया गांधी - फोटो : ANI
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तीनों कृषि कानूनों को वापस लिए जाने के एलान के बाद कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इसे किसानों के बलिदान की जीत बताया। सोनिया ने कहा कि 700 से अधिक किसान परिवारों, जिनके सदस्यों ने न्याय के लिए इस संघर्ष में अपने प्राणों की आहुति दी, आज उनका बलिदान रंग लाया है। आज सत्य, न्याय और अहिंसा की जीत हुई है।  

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सोनिया बोलीं- सभी पक्षों से बातचीत जरूरी 
सोनिया ने कहा कि लोकतंत्र में कोई भी फैसला प्रत्येक हितधारक से बातचीत और विपक्ष के साथ विचार-विमर्श के बाद लिया जाना चाहिए। मुझे उम्मीद है कि मोदी सरकार ने भविष्य के लिए कम से कम कुछ तो सबक सीखा होगा। 

20 नवंबर को किसान विजय दिवस मनाएगी कांग्रेस   
कांग्रेस कल यानी 20 नवंबर को देशभर में 'किसान विजय दिवस' मनाएगी। इसके मद्देनजर सरकार के फैसलों के खिलाफ किसानों की लगातार और उत्साही लड़ाई को सैल्यूट करने के लिए राज्य इकाइयों से किसान विजय रैलियां या किसान विजय सभा आयोजित करने को कहा गया है।
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बता दें कि पिछले करीब एक साल से केंद्र सरकार की ओर से लाए गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों को शुक्रवार की सुबह राहत की खबर मिली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एलान किया कि तीनों कानूनों को वापस लिया जाएगा क्योंकि हम कुछ किसानों को इन कानूनों के फायदे समझाने में सफल नहीं हो पाए। 

पीएम ने जनता से मांगी माफी
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, मैं देश की जनता से सच्चे और नेक दिल से माफी मांगता हूं। हम किसानों को नहीं समझा पाए। हमारे प्रयासों में कुछ कमी रही होगी कि हम कुछ किसानों को मना नहीं पाए। 

किसानों ने पिछले साल जुलाई में पंजाब में तीन कृषि कानूनों के खिलाफ अपना विरोध शुरू किया था। पिछले साल नवंबर में विरोध का केंद्र दिल्ली की सीमाएं बन गईं। किसानों के प्रतिनिधियों और केंद्रीय मंत्रियों के बीच लगभग एक दर्जन दौर की वार्ता गतिरोध को हल करने में विफल रही।

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