केंद्रीय कृषि सचिव संजय अग्रवाल ने बताया पराली जलाने की समस्या से निपटने के लिए खरीफ फसलों की कटाई से पहले पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली को केंद्र सरकार ने सहायता राशि जारी की है। जिसमें 2021-22 के लिए पंजाब को 235 करोड़, हरियाणा को 141 करोड़, उत्तर प्रदेश को 115 करोड़ और दिल्ली को 5 करोड़ रुपये जारी किए गए।
केंद्र सरकार ने पराली जलाने की समस्या से निपटने के लिए खरीफ फसलों की कटाई से पहले पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली को 496 करोड़ रुपये जारी किए हैं।
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इस राशि का इस्तेमाल फसल अवशेषों के प्रबंधन के लिए कृषि-मशीनीकरण में किया जाएगा
इस रकम का इस्तेमाल ये राज्य पराली को जलाने से रोकने और उसके निपटान के लिए जरूरी मशीनों की खरीद में करेंगे। इन चारों राज्यों में पराली जलाने से हर साल दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण बढ़ जाता है।
केंद्रीय कृषि सचिव संजय अग्रवाल ने बताया 2021-22 के लिए पंजाब को 235 करोड़, हरियाणा को 141 करोड़, उत्तर प्रदेश को 115 करोड़ और दिल्ली को 5 करोड़ रुपये जारी किए गए। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और अन्य केंद्रीय एजेंसियों को 54.99 करोड़ रुपये दिए गए। इन राज्यों में फसल अवशेषों के प्रबंधन के मकसद से कृषि-मशीनीकरण को बढ़ावा देने के लिए एक केंद्रीय योजना के हिस्से के रूप में फंड जारी किया गया है।
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उन्होंने कहा कि पराली की समस्या से निपटने के लिए जल्द ही पंजाब और हरियाणा सरकार के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की जाएगी। खरीफ की प्रमुख फसल धान की कटाई अक्तूबर में शुरू होगी। दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में पराली जलाना लंबे समय से वायु प्रदूषण का एक प्रमुख कारण रहा है, जबकि केंद्र सरकार ने पिछले चार वर्षों में इस मुद्दे को हल करने के लिए 2,245.17 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
उन्होंने कहा कि राज्यों से कहा गया है कि ग्राम सभाओं को खेतों में फसल के अवशेष के बेहतर प्रबंधन के लिए मशीनें किराये पर उपलब्ध कराने के केंद्र खोलने की मंजूरी दी जानी चाहिए। इससे छोटे किसानों को फायदा होगा।