फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Corona updates: अंतर्राष्ट्रीय यात्री उड़ानों पर पाबंदी 30 नवंबर तक बढ़ी, टीकाकरण का आंकड़ा 105 करोड़ के पार

Fri, 29 Oct 2021 07:35 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

इससे पहले डीजीसीए ने अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों पर पाबंदी 31 अक्तूबर 2021 तक बढ़ा दी थी आज उसी आदेश में संशोधन किया गया है।
विज्ञापन
(प्रतीकात्मक) - फोटो : social media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोरोना वायरस महामारी के चलते भारत आने व जाने वाली अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध 30 नवंबर तक बढ़ा दिया गया है। नागरिक विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने आज ये जानकारी दी। इससे पहले डीजीसीए ने अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों पर पाबंदी 31 अक्तूबर 2021 तक बढ़ा दी थी। वहीं, देश में टीकाकरण का आंकड़ा 105 करोड़ के पार पहुंच गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी।

विज्ञापन


26 जून 2020 को निलंबित किया गया था
पूरी दुनिया में कोरोना महामारी फैलने के बाद इन उड़ानों को 26 जून 2020 को निलंबित किया गया था। उस आदेश में मंगलवार को संशोधित करते हुए ताजा आदेश जारी किया गया है। ताजा आदेश में कहा गया है कि यह पाबंदी अंतरराष्ट्रीय कार्गो परिवहन व डीजीसीए द्वारा स्वीकृति प्राप्त विशेष फ्लाइट्स पर लागू नहीं होगी। चुनिंदा रूटों पर सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन किया जा सकेगा।
 

स्पुतनिक वी लाइट का परीक्षण डाटा जमा करेगी डॉ. रेड्डीज लेबोरेटरीज
डॉ. रेड्डीज लेबोरेटरीज लिमिटेड अगले महीने रूस की कोविड 19 वैक्सीन स्पुतनिक लाइट का तीसरे चरण के परीक्षण का डाटा भारतीय दवा नियामक को जमा कर सकती है। इसके साथ ही कंपनी दो से 18 साल के बच्चों में वैक्सीन का परीक्षण करने के लिए भी तैयार है। 
विज्ञापन


डॉ. रेड्डीज के सीईओ एपीआई एंड सर्विसेज दीपक सपरा ने कहा कि कंपनी स्पुतनिक वी को बूस्टर खुराक के रूप में पेश करने पर परीक्षण को लेकर ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया के साथ चर्चा कर रही है। उन्होंने ये भी कहा कि कंपनी सरकार को स्पुतनिक वी की आपूर्ति के लिए केंद्र के साथ चर्चा में शामिल होने की कोशिश कर रही है।  

कोवोवैक्स के निर्माण की अनुमति मांगी
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने शुक्रवार को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) से अपने मंजरी निर्माण स्थल पर आपातकालीन स्थितियों में सीमित उपयोग के लिए कोविड -19 वैक्सीन कोवोवैक्स के निर्माण की अनुमति मांगी है। कंपनी ने अपने आवेदन के साथ भारतीय वयस्कों पर अंतरिम चरण 2/3 नैदानिक अध्ययन रिपोर्ट, नोवावैक्स यूके और यूएसए-मेक्सिको चरण-3 नैदानिक अध्ययन की अंतरिम रिपोर्ट और डीसीजीआई कार्यालय द्वारा उठाए गए प्रश्नों के जवाब दिए।

डीसीजीआई को भेजे आवेदन में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) में सरकार और नियामक मामलों के निदेशक प्रकाश कुमार सिंह ने कहा कि अध्ययन के आंकड़ों से कोई सुरक्षा चिंता उत्पन्न नहीं हुई और कोवोवैक्स वयस्क आबादी में सुरक्षित और इम्युनोजेनिक है। इसमें कहा गया कि कोविड-19 महामारी से लड़ने के लिए सरकार के प्रयास में हम भारत सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं ताकि हमारे देश और दुनिया के लिए एक और सुरक्षित और प्रभावकारी विश्व स्तरीय कोविड-19 वैक्सीन उपलब्ध हो सके।

केरल में 86 की मौत 
वहीं, देश में अब भी कोरोना वायरस के सबसे अधिक मामले केरल से आ रहे हैं। पिछले 24 घंटे में केरल में 7,722 नए मामले सामने आए जबकि 6,648 संक्रमण मुक्त हुए। कुल 86 लोगों की वायरस से मौत हुई। पिछले 24 घंटे में कर्नाटक में कोरोना के 381 मामले सामने आए और 305 स्वस्थ हुए, 7 लोगों की मौत हुई। 

महामारी अभी खत्म नहीं हुई, इसे हल्के में नहीं लें: नायडू
इस बीच उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने शुक्रवार को लोगों को आगाह करते हुए कहा कि कोरोना महामारी अभी समाप्त नहीं हुई है और लोगों को इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। उप राष्ट्रपति ने यहां राजभवन में कोंकणी और मराठी भाषा के गणमान्य लोगों को संबोधित करते हुए यह बात कही। कार्यक्रम में राज्यपाल पी एस श्रीधरन पिल्लै भी मौजूद थे।

नायडू ने कहा कि भारत में हम सौभाग्यशाली हैं कि हम इससे सफलतापूर्वक लड़ सके और कई पश्चिमी देशों की तुलना में हमारा प्रदर्शन बेहतर रहा है। इसके लिए हमारे वैज्ञानिक, चिकित्सा जगत के लोग, हमारे नीति निर्माता, केंद्र और राज्य सरकारें तथा विभिन्न संस्थान बधाई के पात्र हैं।

न्यूमोकोकल कंजुगेट वैक्सीन की शुरुआत
वहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने शुक्रवार को न्यूमोकोकल कंजुगेट वैक्सीन (पीसीवी) की राष्ट्रव्यापी शुरुआत की। उन्होंने कहा कि इससे बाल मृत्युदर करीब 60 फीसद तक घटाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि देश में यह पहली बार है कि पीसीवी सार्वभौमिक उपयोग के लिए उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर और भारत में भी पांच साल तक के बच्चों में निमोनिया मौत का एक बड़ा कारण है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें