केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मणा सीतरमण ने मंगलवार को संसद में केंद्रीय बजट पेश किया था। इसके बाद वीपक्षी गठबंधन इंडिया के कुछ नेताओं ने इसे ‘सरकार बचाओ बजट’, तो किसी ने ‘भेदभावपूर्ण’ बजट करार दिया। इसके बाद कांग्रेस ने 27 जुलाई को होने वाली नीति आयोग की बैठक के बहिष्कार का एलान किया था। बताया गया है कि नीति आयोग की बैठक में कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक के मुख्यमंत्री भाग नहीं लेंगे। अब तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने बुधवार को कहा कि उनकी सरकार ने 27 जुलाई को होने वाली नीति आयोग की बैठक का बहिष्कार करने का फैसला किया है।
रेवंत रेड्डी ने क्या कहा?
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा बजट के दौरान तेलंगाना के अधिकारों को नुकसान पहुंचाया गया है। इसके अलावा राज्य की बकाया धनराशि भी जारी नहीं की गई। इसके विरोध में नीति आयोग की बैठक का बहिष्कार करने का फैसला लिया गया है। रेवंत रेड्डी ने विधानसभा में सरकार के निर्णय की घोषणा की।
नीति आयोग की बैठक का बहिष्कार
तेलंगाना के सीएम ने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नीति आयोग के अध्यक्ष हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में 27 जुलाई को नीति आयोग की बैठक होगी। तेलंगाना के मुख्यमंत्री के रूप में, मैं तेलंगाना के हितों को नुकसान पहुंचाने और तेलंगाना की बकाया धनराशि जारी न करने के विरोध में नीति आयोग की बैठक का बहिष्कार कर रहा हूं।’ विधानसभा में दिन भर चली बहस के बाद केंद्रीय बजट में तेलंगाना के प्रति केंद्र के कथित भेदभाव के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया गया। उधर, भारतीय जनता पार्टी ने प्रस्ताव का विरोध किया।