INS ब्रह्मपुत्र हादसे में लापता नाविक का मिला शव
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मुंबई में नौसेना डॉकयार्ड में आईएनएस ब्रह्मपुत्र में आग लगने की घटना के दौरान लापता हुए लीडिंग सीमैन सितेंद्र सिंह का शव बुधवार को गहन गोताखोरी अभियान के बाद बरामद किया गया। बता दें कि आईएनएस ब्रह्मपुत्र की मरम्मत के दौरान 21 जुलाई को अचानक आग लग गई थी। जिसके बाद नौसेना डॉकयार्ड, मुंबई और बंदरगाह में मौजूद अन्य जहाजों के अग्निशमन कर्मियों की सहायता से जहाज के चालक दल ने 22 जुलाई की सुबह तक आग पर काबू पाया था।
नौसेना प्रमुख और भारतीय नौसेना ने व्यक्त की संवेदना
रक्षा मंत्रालय ने आज एक बयान में कहा कि नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने 23 जुलाई को मुंबई का दौरा किया था और दुर्घटना के लिए जिम्मेदार घटनाओं के क्रम और लापता नाविक का पता लगाने के लिए किए गए प्रयासों की समीक्षा की थी। वहीं एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी और भारतीय नौसेना के सभी कर्मियों ने सितेंद्र सिंह के परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और इस बात पर जोर दिया कि भारतीय नौसेना इस दुख की घड़ी में शोक संतप्त परिवार के साथ खड़ी है।
INS ब्रह्मपुत्र को लेकर नौसेना प्रमुख ने दिए निर्देश
नौसेना प्रमुख को नुकसान की सीमा को सीमित करने, जहाज की कार्यक्षमता को जल्द से जल्द बहाल करने के लिए मरम्मत और मरम्मत की योजना के बारे में जानकारी दी गई। सीएनएस ने निर्देश दिया कि आईएनएस ब्रह्मपुत्र को समुद्र में चलने योग्य और युद्ध के लिए तैयार करने के लिए कमान और नौसेना मुख्यालय की तरफ से सभी कार्रवाई तुरंत शुरू की जाए। आईएनएस ब्रह्मपुत्र के चालक दल के साथ बातचीत करते हुए, सीएनएस ने चालक दल को भारतीय नौसेना की सच्ची भावना में जहाज के शीघ्र संचालन की दिशा में काम करने के लिए प्रेरित किया।
भारत का पहला स्वदेशी युद्धपोत है INS ब्रह्मपुत्र
21 जुलाई को नौसेना डॉकयार्ड में मरम्मत के दौरान युद्धपोत आईएनएस ब्रह्मपुत्र में आग लग गई थी। इसके एक दिन बाद, नौसेना प्रमुख एडमिरल त्रिपाठी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को भारतीय नौसेना के जहाज ब्रह्मपुत्र में आग लगने की घटना और इस घटना से हुए नुकसान से अवगत कराया था। बता दें कि आईएनएस ब्रह्मपुत्र भारत का पहला स्वदेशी रूप से निर्मित ब्रह्मपुत्र-श्रेणी का गाइडेड मिसाइल युद्धपोत है।