डीएमके सांसद ने कहा कि 'उसका कहना है कि अगर हम मंत्रों का जाप करते हैं तो उससे आग की बारिश हो सकती है, बीमार लोग ठीक हो सकते हैं! ऐसे लोगों को कभी भी शिक्षण संस्थानों में आने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए।'
चेन्नई के स्कूल में आध्यात्मिक कक्षा को लेकर हुआ विवाद बढ़ता ही जा रहा है। अब डीएमके के सांसद दुरई वाइको ने भी इसकी आलोचना की है और कहा है कि इस घटना में जो भी जिम्मेदार लोग हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे। तिरुचिरापल्ली से सांसद वाइको ने कहा कि 'यह बेहद निंदनीय है कि कोई महाविष्णु नाम का व्यक्ति स्कूल में जाता है। यहां तक कि उसे स्कूल प्रशासन द्वारा ही मोटिवेशनल लेक्चर देने के लिए आमंत्रित किया गया था।'
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राज्यपाल पर साधा निशाना
डीएमके सांसद ने कहा कि 'उसका कहना है कि अगर हम मंत्रों का जाप करते हैं तो उससे आग की बारिश हो सकती है, बीमार लोग ठीक हो सकते हैं! ऐसे लोगों को कभी भी शिक्षण संस्थानों में आने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। उस व्यक्ति का दावा है कि वह भगवान का अवतार है।' तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि ने हाल ही में सीबीएसई के पाठ्यक्रम को तमिलनाडु बोर्ड के पाठ्यक्रम से बेहतर बताया था। इसे लेकर डीएमके सांसद दुरई वाइको ने कहा कि 'हमारे राज्यपाल आरएन रवि ने कभी भी तमिलनाडु सरकार की तारीफ नहीं की है। वह आरएसएस के प्रचारक जैसे काम करते हैं। मुझे पता है कि उन्हें भी सच पता होगा।'
क्या है पूरा विवाद
गौरतलब है कि चेन्नई के दो स्कूलों सैदापेट हाई स्कूल और अशोक नगर गर्ल्स हाई स्कूल में शिक्षक दिवस के अवसर पर एक आध्यात्मिक जागरण कक्षाएं आयोजित की गईं। परमपोरुल फाउंडेशन (एनजीओ) से एक स्पीकर स्कूल आए। उन्होंने जाति, वर्ग, पुण्य, पाप, मंदिर आदि पर भाषण दिया। उन्होंने कहा हमें पिछले कर्मों की सजा इस जन्म में मिलती है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आते ही डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (DYFI) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। सरकार तक इसकी बात पहुंची। सीएम एमके स्टालिन ने कहा- हमारे एजुकेशन सिस्टम में सिर्फ साइंस की जरूरत है। इसी से स्टूडेंट का विकास होगा। इसके बाद स्कूलों के प्रिंसिपल का ट्रांसफर कर दिया गया।