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MK Stalin: तमिलनाडु के CM बोले- 'हिंदी राष्ट्रीय भाषा नहीं'; राज्य की महिला से गोवा में अभद्र बर्ताव का आरोप

Thu, 14 Dec 2023 07:19 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई

सार

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने राज्य की महिला के साथ अभद्र बर्ताव को लेकर गुस्से का इजहार किया है। स्टालिन ने गोवा एयरपोर्ट पर महिला को नीचा दिखाने का आरोप लगाया और कहा, हिंदी राष्ट्रीय भाषा नहीं है।
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तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन (फाइल) - फोटो : Social Media
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विस्तार
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तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने राज्य की महिला के साथ अभद्र बर्ताव को लेकर गुस्से का इजहार किया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक स्टालिन ने गोवा एयरपोर्ट पर महिला को नीचा दिखाने का आरोप लगाया और कहा, हिंदी राष्ट्रीय भाषा नहीं है। खबरों के मुताबिक सीएम स्टालिन ने गोवा हवाई अड्डे पर एक तमिल महिला के 'अपमान' की निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि जब महिला ने एयरपोर्ट पर तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवान से कहा था कि वह हिंदी नहीं जानती, तो उसका अपमान किया गया, नीचा दिखाने की कोशिश की गई।
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हिंदी राष्ट्रीय भाषा नहीं
एमके स्टालिन ने गोवा हवाई अड्डे पर एक तमिल महिला के 'अपमान' की निंदा की है, जब उसने सीआईएसएफ कर्मी से कहा था कि वह हिंदी नहीं जानती है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सीएम एमके स्टालिन ने कहा, हिंदी भारत की राष्ट्रीय भाषा नहीं है। उन्होंने कहा, यह चिंताजनक है कि लोगों को यह मानने के लिए मजबूर किया जा रहा है। बता दें कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री अपनी पार्टी- द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के अध्यक्ष भी हैं। 

तमिल महिला इंजीनियर से जुड़ी घटना
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सीएम स्टालिन लिखा, सीआईएसएफ कर्मी गैर-हिंदी भाषी राज्यों के यात्रियों का हिंदी न जानने के कारण उत्पीड़न कर रहे हैं। 'हिंदी ही भारत की राष्ट्रीय भाषा है' जैसी गलत धारणा को स्वीकार करने के लिए मजबूर किए जाने की बार-बार होने वाली घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। खबरों के मुताबिक तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने एक तमिल महिला इंजीनियर शर्मिला से जुड़ी घटना के बाद यह बयान दिया है।
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सीआईएसएफ अधिकारी पर गंभीर आरोप
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गोवा के डाबोलिम हवाई अड्डे पर सुरक्षा जांच के दौरान सीआईएसएफ अधिकारी ने कथित तौर पर महिला का अपमान किया। शर्मिला ने दावा किया, सुरक्षा जांच के दौरान हिंदी में ट्रे लेने का निर्देश दिया गया। उन्होंने हिंदी ज्ञान की कमी जाहिर की, जिस पर उनका अपमान किया गया।

सभी को हिंदी भाषा सीखने की नसीहत
खबरों के मुताबिक सीआईएसएफ अधिकारी ने महिला से कथित तौर पर जोर देकर कहा, 'तमिलनाडु भारत में है। देश में हर किसी को हिंदी सीखनी चाहिए।' इस पर शर्मिला ने कहा, हिंदी राष्ट्रीय भाषा नहीं, केवल आधिकारिक भाषा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इतना कहने पर सीआईएसएफ अधिकारी ने महिला को सुझाव दिया कि इस संबंध में गूगल पर खोजें। कथित तौर पर सुरक्षा अधिकारी ने ऊंची आवाज में 'भारत में हर किसी को हिंदी सीखनी चाहिए' कहा और उसका अपमान किया।

मुख्यमंत्री के बेटे ने भी दिया बयान
तमिलनाडु के खेल मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने भी इस मामले में केंद्रीय सुरक्षा बलों की आलोचना की। उन्होंने कहा, 'हिंदी की शिक्षा देने' के बजाय उनका काम सुरक्षा बंदोबस्त ठीक रखना है। देश में कथित 'हिंदी थोपने' के मुद्दे पर पहले भी मुखर रहे उदयनिधि ने केंद्र सरकार से सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने की अपील की है।

केंद्र सरकार से तत्काल कार्रवाई की अपील
उदयनिधि ने कहा कि महिला की गोद में बच्चा था। इसके बावजूद सुरक्षाकर्मियों ने ऐसा कृत्य किया। उन्होंने घटना को 'जबरदस्ती और धमकी देने' वाली बताया और कहा, 'हवाईअड्डों पर ऐसी घटनाएं अब स्वीकार्य नहीं है।' बहुभाषी भारत में दूसरी भाषा बोलने वाले लोगों पर लगातार हिंदी थोपना संघवाद के खिलाफ है। केंद्र सरकार को ऐसी प्रवृत्ति नहीं अपनानी चाहिए और तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। फासीवादियों को समझना चाहिए कि भाषा का अधिकार भी मानवाधिकार है।

पहले भी विवादों में रही है डीएमके
बता दें कि तमिलनाडु में हिंदी भाषा के इस्तेमाल से जुड़ा यह विवाद नया नहीं है। स्टालिन इससे पहले भी हिंदी को तमिलनाडु में थोपने की कोशिशों के आरोप लगा चुके हैं। कुछ दिनों पहले उनकी सरकार में मंत्री और बेटे उदयनिधि स्टालिन ने कथित तौर पर सनातन पर अपमानजनक टिप्पणी की थी। उदयनिधि के बयान पर हिंदी प्रदेशों में व्यापक आक्रोश दिखा था। हाल ही में मुख्यमंत्री की पार्टी- डीएमके के सांसद ने संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान हिंदी प्रदेशों को 'गोमूत्र प्रदेश' करार दिया था।
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