शशिकला ने पार्टी के उस फैसले के विरोध में अदालत का दरवाजा खटखटाया था, जिसमें भ्रष्टाचार के आरोप साबित होने के बाद उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था।
चेन्नई हाईकोर्ट ने अन्नाद्रमुक पार्टी की पूर्व महासचिव वीके शशिकला को तगड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने शशिकला की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने पार्टी में महासचिव पद वापस दिए जाने की मांग की थी। उन्होंने पार्टी के फैसले का विरोध करते हुए कोर्ट में याचिका दायर की थी।
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दरअसल, जयललिता की मौत के बाद दिसंबर, 2016 में शशिकला को अन्नाद्रमुक का अंतरिम महासचिव बनी थीं। लेकिन, 15 फरवरी, 2017 में आय से अधिक सम्पत्ति मामले में दोषी करार होने के बाद उन्हें चार साल की जेल हो गई। इसके बाद सितंबर, 2017 में पार्टी ने उन्हें महासचिव के पद से हटा दिया। हालांकि, जेल से रिहा होने के बाद से शशिकला खुद को पार्टी का महासचिव होने का दावा करती रही हैं।