तालिबान ने अफगानिस्तान पर अपना नियंत्रण बनाने के साथ ही भारत के साथ व्यापार रोक दिया है। अब न तो काबुल को कुछ निर्यात किया जा सकता है और न ही वहां से किसी चीज का आयात संभव है। इसके चलते बाजार में ड्राईफ्रूट्स आदि के महंगा होने की संभावना जताई जा रही है।
अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने दी थी अफगान सेना के ढहने की चेतावनी
अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के एक गोपनीय अनुमान में अफगान सेना के ढह जाने और तालिबान के अफगानिस्तान पर नियंत्रण कर लेने की संभावना जताई गई थी।
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने इस खुफिया अनुमान के बावजूद काबुल के ढेर नहीं होने का आश्वासन दिया था। रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई तक ही अधिकतर खुफिया रिपोर्ट निराशाजनक हो गई थीं। इनमें सवाल किए जा रहे थे कि क्या अफगान सुरक्षा बल गंभीर प्रतिरोध कर पाएंगे और क्या सरकार काबुल में टिकी रह पाएगी।