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Manipur: मणिपुर में अत्याधुनिक रॉकेट के अवशेष मिले, ड्रोन और मिसाइल हमले के बाद पुलिस का बड़ा दावा

Tue, 10 Sep 2024 06:01 PM IST
अभिषेक दीक्षित पीटीआई, इंफाल

सार

मणिपुर पुलिस ने असम राइफल्स के सेवानिवृत्त महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल पीसी नायर के हाल में मीडिया को दिए साक्षात्कार में किए गए इस दावे को खारिज कर दिया कि राज्य में हमलों में किसी ड्रोन या रॉकेट का इस्तेमाल नहीं किया गया। नायर ने मणिपुर पुलिस को मेइती पुलिस भी कहा था।
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Manipur - फोटो : PTI
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विस्तार
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मणिपुर में हाल ही में हुए ड्रोन और हाई-टेक मिसाइल हमलों के बाद अत्याधुनिक रॉकेट के अवशेष बरामद किए गए हैं। एक शीर्ष पुलिस अधिकारी ने मंगलवार को इस बारे में जानकारी दी। मणिपुर पुलिस ने असम राइफल्स के सेवानिवृत्त महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल पीसी नायर के हाल में मीडिया को दिए साक्षात्कार में किए गए इस दावे को खारिज कर दिया कि राज्य में हमलों में किसी ड्रोन या रॉकेट का इस्तेमाल नहीं किया गया। नायर ने मणिपुर पुलिस को मेइती पुलिस भी कहा था।

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पुलिस महानिरीक्षक (प्रशासन) के. जयंत सिंह ने पत्रकारों से कहा कि यह बयान ठीक नहीं है। ऐसा लगता है कि यह असम राइफल्स के नहीं, बल्कि उनके निजी विचार हैं। हम इसे सिरे से खारिज करते हैं। ड्रोन और हाई-टेक मिसाइल हमलों के सबूत हैं। ड्रोन बरामद किए गए हैं। नागरिक क्षेत्रों पर दागे गए अत्याधुनिक रॉकेटों के अवशेष बरामद किए गए हैं। ऐसे सबूतों के बावजूद यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक प्रतिष्ठित कमांडर इस तरह का बयान दे रहे हैं।

पुलिस महानिरीक्षक (अभियान) आई. के. मुइवा ने कहा कि हम यह स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि यहां कोई मेइती पुलिस या कुकी पुलिस नहीं है, बल्कि मणिपुर पुलिस है। मणिपुर पुलिस में नगा, मेइती, मणिपुरी मुस्लिम और गैर-मणिपुरी सहित विभिन्न समुदाय शामिल हैं। इस बल में ईसाई, मुस्लिम और हिंदू भी हैं। मणिपुर पुलिस को मेइती पुलिस बताना एक संकुचित मानसिकता को दिखाता है।
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राज्य में जारी छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर पुलिस अधिकारी ने कहा कि रैली और धरना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है। हम छात्रों से अपील करते हैं कि वे हिंसा न करें। कुछ लोग छात्रों को भड़का रहे हैं। हम सोशल मीडिया मंचों पर नजर रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिंसा भड़काने वालों और छेड़छाड़ की गई तस्वीरों के साथ झूठे संदेश फैलाने वालों की पहचान की जा रही है। ऐसी सामग्री के स्क्रीनशॉट लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सोमवार को थौबल में प्रदर्शनकारियों की ओर से चलाई गई गोली से एक पुलिसकर्मी घायल हो गया।

पिछले साल मई से इंफाल घाटी में रहने वाले मैतेई और आसपास की पहाड़ियों में रहने वाले कुकी लोगों के बीच जातीय संघर्ष में 200 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। इस दौरान हजारों लोग बेघर हो गए हैं। हिंसा की ताजा घटनाओं में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई है और 12 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। इसमें ड्रोन और मिसाइल हमले भी शामिल हैं।

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